लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का रहस्य अब सुलझने की कगार पर है। पिछले करीब 11 दिनों से खाकी को गच्चा देकर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे आखिरकार कानून के शिकंजे में कस ही गई। 50 हजार रुपये की इनामी भगोड़ा श्रद्धा दुबे की तलाश में लखनऊ से लेकर नेपाल सीमा तक पुलिस टीमें दौड़ रही थीं, लेकिन उसका ठिकाना निकला महाराष्ट्र का नागपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने नागपुर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त व खामोश ऑपरेशन को अंजाम दिया और श्रद्धा को धर दबोचा। एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश द्वारा इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते ही इस केस में एक नया मोड़ आ गया है।
लखनऊ से बनारस और नागपुर तक बिछा एसटीएफ का जाल
शिवा शर्मा की मौत के मामले में नाम सामने आने के बाद से ही श्रद्धा दुबे फरार चल रही थी. उसकी गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कई अलग-अलग टीमें लगातार उसकी लोकेशन खंगालने में जुटी हुई थीं। जांच एजेंसियों को तकनीकी व गोपनीय सर्विलांस के जरिए अचानक उसके नागपुर में छिपे होने का अहम सुराग मिला।
इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और बनारस एसटीएफ की टीमों ने नागपुर क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर एक बड़ा साझा ऑपरेशन चलाया. अलग-अलग टीमों के इस सटीक संयुक्त प्रयास के बाद 50 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी पुष्टि एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश ने की है।
11 दिनों के फरारी नेटवर्क का होगा पर्दाफाश
श्रद्धा दुबे की यह गिरफ्तारी शिवा शर्मा मौत मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच में सबसे बड़ा मोड़ मानी जा रही है। अब पुलिस टीम उससे कड़ाई से पूछताछ करेगी ताकि यह साफ हो सके कि शिवा शर्मा की मौत से ठीक पहले अवध ग्रीन अपार्टमेंट में क्या-क्या घटनाक्रम हुआ था।
इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश करेंगी कि 11 दिनों तक पुलिस से बचने के लिए उसने कहां-कहां शरण ली और किन-किन लोगों ने उसे छिपाने या भागने में मदद की थी।
पूछताछ के बाद ही साफ होंगी मामले की परतें
पुलिस अब श्रद्धा के फरार रहने के दौरान की पूरी गतिविधियों, कॉल डिटेल्स और इस मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की बारीकी से पड़ताल करेगी। पुलिस का मानना है कि उससे होने वाली गहन पूछताछ के आधार पर ही शिवा शर्मा की मौत के असली कारणों और घटना से जुड़ी तमाम अनसुलझी कड़ियों की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, श्रद्धा की कस्टडी के बाद अब पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के खुलासों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।