ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट’ की हाई-प्रोफाइल बैठक चल रही थी। मेज के एक तरफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार मौजूद थे, और ठीक उनके सामने बैठे थे भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या इस मंच से पाकिस्तान को कोई सीधा संदेश दिया जाएगा? तभी राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए आतंकवाद के मुद्दे पर ऐसा तीखा हमला बोला कि पूरा हॉल सन्न रह गया। उन्होंने साफ-साफ लफ्जों में कह दिया कि आतंकवाद को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता और इसे लेकर दोहरे मापदंड अब बिल्कुल नहीं चलेंगे। आइए जानते हैं कि पाकिस्तान की मौजूदगी में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और उसके हमदर्दों के खिलाफ क्या-क्या कहा।
आतंकवादियों को पनाह देने वालों के लिए कोई जगह नहीं
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की मौजूदगी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद समाजों को कट्टर बनाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित रखता है, जिनके वे हकदार हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद को विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक माना जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल लोगों की जान को नुकसान पहुंचता है, बल्कि निवेश और व्यापार पर भी बुरा असर पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता, और जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
साथ दिखे भारत-पाकिस्तान के रक्षा प्रतिनिधि
ताजिकिस्तान के दुशान्बे में हो रही SCO की इस बैठक में राजनाथ सिंह भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जहां अन्य सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा साझा किए गए वीडियो में राजनाथ सिंह और इशाक डार को एक ही मेज पर बैठे देखा जा सकता है।
इससे पहले सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी SCO सदस्य देशों से मिलकर आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की अपील की थी। उस बैठक में (जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के व्लादिमीर पुतिन, ईरान के मसूद पेजेशकियान शामिल थे) पीएम मोदी ने कहा था, “हमें आतंकवाद की फंडिंग, लोगों की भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित पनाहगाहों वाले पूरे इकोसिस्टम को नष्ट करना होगा.”
‘ऑपरेशन सिंदूर‘ और पाकिस्तान पर भारत का कड़ा रुख
भारत लगातार पाकिस्तान की सरकार और सेना पर आतंकवाद को समर्थन देने और उसे पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके ठीक दो हफ्ते बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया।
इस ऑपरेशन और उसके बाद हुए सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा था। लड़ाई रुकने की घोषणा के कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तंज कसते हुए कहा था, “जहां भारत टूरिज्म को बढ़ावा देता है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को ही पर्यटन मानता है, जो दुनिया के लिए बहुत खतरनाक है।”