इंडियन स्टार्टअप वर्ल्ड से आज की सबसे बड़ी ‘ब्रेकिंग न्यूज़’ सामने आ रही है। जोमैटो और ब्लिंकिट को चलाने वाली मेन कंपनी इटरनल लिमिटेड (Eternal Ltd.) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO के पद से हटने का फैसला किया है। अब उनकी जगह ब्लिंकिट के बॉस अलबिंदर ढींडसा पूरे ग्रुप के नए लीडर होंगे।
1 फरवरी से शुरू होगा नया सफर
कंपनी ने कन्फर्म किया है कि दीपिंदर गोयल 1 फरवरी 2026 को अपनी कुर्सी छोड़ देंगे। हालांकि, वे कंपनी से पूरी तरह दूर नहीं जा रहे हैं; वे वाइस चेयरमैन के तौर पर बोर्ड का हिस्सा बने रहेंगे।
दीपिंदर ने क्यों छोड़ा पद?
शेयरहोल्डर्स को लिखे एक लेटर में दीपिंदर ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अब वे कुछ नए और ‘रिस्की’ आइडियाज पर काम करना चाहते हैं। उनका मानना है कि एक बड़ी पब्लिक कंपनी का हिस्सा रहते हुए ऐसे एक्सपेरिमेंट करना थोड़ा मुश्किल होता है। उन्होंने कहा:
‘इटरनल को अब ऐसे लीडर की जरूरत है जो कंपनी को एक फिक्स अनुशासन के साथ आगे बढ़ा सके। अलबिंदर इस काम में मुझसे कहीं ज्यादा माहिर हैं’।
अलबिंदर ढींडसा पर दांव
अलबिंदर ढींडसा वही शख्स हैं जिन्होंने ब्लिंकिट को 10 मिनट डिलीवरी का किंग बनाया है। अब वो जोमैटो, ब्लिंकिट और ग्रुप की बाकी कंपनियों को लीड करेंगे। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अलबिंदर का काम करने का ‘फास्ट और फोकस्ड’ स्टाइल कंपनी को और भी तेजी से आगे ले जाएगा।
आगे क्या होगा?
दीपिंदर गोयल अब अपने नए स्टार्टअप्स जैसे ‘कंटिन्यू’ (हेल्थ-टेक) पर पूरा ध्यान लगाएंगे। साथ ही, उन्होंने अपने हिस्से के करोड़ों के शेयर्स (ESOPs) भी कंपनी को वापस दे दिए हैं, जिससे कंपनी का खर्च कम होगा और इन्वेस्टर्स को फायदा मिलेगा।