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फैक्ट्रियों से बाजार तक असर, 38 महीने की ऊंचाई पर थोक महंगाई, मार्च में WPI 3.88%; कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026 — महंगाई को लेकर आज एक बड़ा इकोनॉमिक अपडेट सामने आया है। भारत की थोक महंगाई (WPI inflation) मार्च 2026 में बढ़कर 3.88% पर पहुंच गई, जो पिछले 38 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। फरवरी में यह आंकड़ा 2.13% था, यानी सिर्फ एक महीने में तेज उछाल देखने को मिला। खास बात यह है कि यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी काफी ज्यादा निकला।

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में जोरदार उछाल रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंताओं का असर सीधे भारत की थोक कीमतों पर दिखा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कच्चे पेट्रोलियम की महंगाई -1.29% से उछलकर 51.57% तक पहुंच गई, जबकि ईंधन और बिजली श्रेणी भी -3.78% से बढ़कर +1.05% पर आ गई। यही वजह है कि फैक्ट्रियों, ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन कॉस्ट पर दबाव बढ़ा है।

किन सेक्टर्स ने बढ़ाई सबसे ज्यादा चिंता?

मार्च के आंकड़ों में सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि विनिर्माण (manufacturing) और प्राथमिक वस्तुओं में भी तेजी दिखी।

  • Manufactured products: 2.92% से बढ़कर 3.39%
  • Primary articles: 3.27% से बढ़कर 6.36%
  • Month-on-month WPI: फरवरी के मुकाबले 1.64% की बढ़त

हालांकि राहत की बात यह रही कि खाद्य महंगाई में ज्यादा बड़ा उछाल नहीं आया। सब्जियों की थोक महंगाई फरवरी के 4.73% से घटकर मार्च में करीब 1.45% रही, जिससे आम लोगों पर तत्काल दबाव थोड़ा कम दिख सकता है।

आम आदमी और RBI पर क्या असर पड़ेगा?

इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि थोक महंगाई में यह तेजी आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई (CPI) पर भी असर डाल सकती है। अभी CPI करीब 3.4% है, जो RBI के 4% लक्ष्य के भीतर है, लेकिन अगर तेल महंगा बना रहा तो ट्रांसपोर्ट, FMCG और रोजमर्रा की चीजें भी धीरे-धीरे महंगी हो सकती हैं।

यही वजह है कि अब बाजार की नजर RBI की अगली मौद्रिक नीति (MPC) पर भी रहेगी। अगर WPI का यह ट्रेंड अगले 1-2 महीने जारी रहा, तो ब्याज दरों में राहत की उम्मीद थोड़ी कमजोर पड़ सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कच्चे तेल की यह आग अब खुदरा बाजार तक पहुंचेगी? अगर पश्चिम एशिया का तनाव जल्दी नहीं थमा, तो आने वाले महीनों में महंगाई फिर बड़ा चुनावी और आर्थिक मुद्दा बन सकती है।

news desk

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