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विश्व हृदय दिवस 2025: “Don’t Miss a Beat” – जानिए क्यों जरूरी है दिल की सुरक्षा और कैसे करें बचाव

हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) दुनिया भर में मनाया जाता है. इसका उद्देश्य है लोगों को हृदय रोगों के खतरों से जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना. दिल की बीमारी आज विश्व में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है, इसलिए यह दिन सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि एक चेतावनी और संकल्प का दिन है.

विश्व हृदय दिवस कब और क्यों शुरू हुआ?

इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2000 में विश्व हृदय महासंघ (World Heart Federation) और WHO के सहयोग से हुई थी. पहले इसे सितंबर के आखिरी रविवार को मनाया जाता था, लेकिन 2011 से हर साल 29 सितंबर को निर्धारित कर दिया गया.

2025 की थीम: “Don’t Miss a Beat”

इस साल का संदेश साफ है – एक भी धड़कन न चूकें”यानी समय रहते दिल का ख्याल रखें, जांच करवाएं और लक्षणों को नजरअंदाज ना करें. दिल की बीमारी किसी उम्र की नहीं होती, और आज युवाओं में भी इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है.

क्यों जरूरी है जागरूकता?

हर साल लगभग 1.8 करोड़ लोग हृदय रोगों से मरते हैं. इन मौतों में से 85% हार्ट अटैक और स्ट्रोक से होती हैं. हाल ही के वर्षों में 25 से 40 साल के युवाओं में भी मामलों में तेजी से बढ़ीहै ये समस्या. अगर समय पर सावधानी बरती जाए तो इन मौतों में से 80% को रोका जा सकता है.

हृदय रोग बढ़ने के मुख्य कारण

हृदय रोग बढ़ने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है. सबसे बड़ा जोखिम हाई ब्लड प्रेशर है, जो बिना लक्षण के धीरे-धीरे दिल को नुकसान पहुंचाता है. धूम्रपान और तंबाकू का सेवन धमनियों को सख्त बनाकर हार्ट अटैक की संभावना कई गुना बढ़ा देता है. असंतुलित खानपान, जैसे ज्यादा नमक, चीनी और तेल वाली चीज़ें, ना सिर्फ कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती हैं बल्कि ब्लड शुगर को भी असंतुलित करती हैं. शारीरिक निष्क्रियता यानी व्यायाम या एक्टिविटी की कमी, दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर देती है. इसके साथ मोटापा और मधुमेह दिल की धमनियों पर दबाव बढ़ाकर हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाते हैं. तनाव और नींद की कमी भी हृदय की धड़कनों, ब्लड प्रेशर और मानसिक संतुलन को प्रभावित करती है, जिससे दिल पर नकारात्मक असर पड़ता है. इसके अलावा जेनेटिक फैक्टर यानी पारिवारिक इतिहास भी एक अहम कारण है—अगर परिवार में पहले से हार्ट डिजीज रही हो तो जोखिम बढ़ जाता है. इन सभी कारणों को मिलाकर देखें तो यह साफ है कि हृदय रोग केवल एक वजह से नहीं, बल्कि जीवनशैली और शारीरिक स्थितियों के मेल से बढ़ते हैं.

दिल को बचाने के आसान उपाय

दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट तेज चलना या हल्का व्यायाम फायदेमंद है. आहार में फल, सब्जियाँ, दालें और फाइबर शामिल करें और तंबाकू व स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ दें. तनाव को कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और पर्याप्त नींद जरूरी है. साथ ही, समय-समय पर ब्लड प्रेशर, शुगर और लिपिड प्रोफाइल की जांच करवाते रहें ताकि किसी भी समस्या को समय पर पकड़ा जा सके.

विश्व हृदय दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक अलार्म है कि आपका दिल आपके लिए धड़क रहा है—क्या आप उसके लिए जी रहे हैं?
“Don’t Miss a Beat” का मतलब यही है कि अपनी धड़कन की जिम्मेदारी खुद लें। सिर्फ 29 सितंबर नहीं, साल के 365 दिन दिल को स्वस्थ रखिए। यही आपकी सबसे बड़ी बचत और संपत्ति है.

news desk

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