लाहौर: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की बहन अलीमा खान को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। लाहौर में हुई यह कार्रवाई 27 सितंबर को प्रस्तावित PTI के विरोध-प्रदर्शन से कुछ दिन पहले हुई है। अलीमा को 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया गया है और उन्हें कोट लखपत जेल भेजा गया है।
अलीमा खान लंबे समय से अपने भाई इमरान खान की रिहाई के लिए आवाज उठाती रही हैं। इमरान खान 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। अलीमा की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब PTI ने 27 सितंबर को उनके समर्थन और रिहाई की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
कौन हैं अलीमा खान?
अलीमा खान इमरान खान की चार बहनों में से एक हैं। उनकी अन्य बहनों के नाम रुबीना खानम, उजमा खानम और नूरीन नियाजी हैं। अलीमा सार्वजनिक रूप से अपने भाई की रिहाई के मुद्दे को लगातार उठाती रही हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से उनकी बहनें भी अलग-अलग मौकों पर उनके समर्थन में सामने आती रही हैं। अलीमा ने भी इमरान की जेल में स्थिति और उनकी रिहाई को लेकर आवाज उठाई है।
किस कानून के तहत अलीमा को हिरासत में लिया गया?
अलीमा खान को पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960 के तहत हिरासत में लिया गया है। इस कानून के तहत प्रशासन ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लेने का आदेश दे सकता है, जिसे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए खतरा माना जाता है।
लाहौर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अली इजाज ने अलीमा खान की 30 दिनों की हिरासत का आदेश जारी किया। आदेश के बाद उन्हें कोट लखपत जेल भेज दिया गया।
27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले क्यों हुई कार्रवाई?
अलीमा की हिरासत ऐसे समय में हुई है जब PTI ने 27 सितंबर को विरोध-प्रदर्शन और मार्च की योजना बनाई है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की रिहाई की मांग कर रही है।
पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से अलीमा को हिरासत में लेने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया है। वहीं, PTI ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और उनकी रिहाई की मांग की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि अलीमा की हिरासत प्रदर्शन से पहले राजनीतिक गतिविधियों पर कार्रवाई का हिस्सा है। ये आरोप PTI की ओर से लगाए गए हैं।
इमरान खान पर दर्ज हैं कई मामले
इमरान खान के खिलाफ तोशाखाना समेत कई मामले दर्ज हैं। वह 2023 से जेल में हैं। उनकी पार्टी और समर्थक लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि उन्हें राजनीतिक कारणों से मामलों में फंसाया गया है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से उनकी हिरासत और कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग मामलों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी वजहों के आधार पर बताया गया है।
PTI कार्यकर्ता इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पहले भी प्रदर्शन करते रहे हैं। अब 27 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अलीमा खान की हिरासत ने इस मामले को फिर चर्चा में ला दिया है।
इमरान के बेटों ने भी सरकार पर लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने भी पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। दोनों ने दावा किया था कि सरकार उनके पिता को जेल में ही रखना चाहती है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सरकार उनके पिता को नुकसान पहुंचाना चाहती है। हालांकि, ये आरोप इमरान खान के बेटों की ओर से लगाए गए थे।