Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: पीडीए की राजनीति में ‘शंखनाद’: यूपी की सत्ता के लिए क्यों अनिवार्य है ब्राह्मण वोट बैंक?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > राज्य > उत्तर प्रदेश > पीडीए की राजनीति में ‘शंखनाद’: यूपी की सत्ता के लिए क्यों अनिवार्य है ब्राह्मण वोट बैंक?
Trending Newsउत्तर प्रदेश

पीडीए की राजनीति में ‘शंखनाद’: यूपी की सत्ता के लिए क्यों अनिवार्य है ब्राह्मण वोट बैंक?

news desk
Last updated: August 5, 2026 2:28 pm
news desk
Share
SHARE

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ गई हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय होती हुई नजर आ रही हैं।

Contents
यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोटबैंक: संख्या कम, असर बड़ा-किसके साथ जाएगा यह निर्णायक वर्ग?टिकट बंटवारे से समझिए अहमियतइतिहास भी देता है गवाहीनिर्णायक सीटों पर प्रभावबीजेपी को मिला मजबूत समर्थनसपा की रणनीति: ‘पीडीए’ में सवर्ण जोड़ने की कोशिशनाराजगी की चर्चा और बीजेपी की कोशिशेंकांग्रेस के लिए भी अवसरसिर्फ संख्या नहीं, प्रभाव भी अहम

सपा से लेकर बीजेपी तक लगातार जमीन पर उतरकर जनता के बीच जा रही हैं। बात अगर मौजूदा दौर की करें तो सपा लगातार योगी सरकार पर हमलावर है और सरकार की नाकामियां गिनाने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं दे रही है।

जहां एक ओर अखिलेश यादव देश की संसद में बैठकर मोदी सरकार के साथ-साथ योगी सरकार को चुनौती दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार भी लगातार विपक्ष पर हमलावर है।

छात्रों के प्रदर्शन से लेकर राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर सपा और कांग्रेस दोनों ही मोदी और योगी को घेर रही हैं। दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ‘पीडीए’ (PDA) के सहारे 2027 के चुनाव में योगी सरकार को चुनौती देने का दम-खम दिखा रही है।

यूपी में 2007 में मायावती के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले के बाद ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर सभी पार्टियों में एक अलग उत्साह देखने को मिला है। अगर साल 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें तो ब्राह्मण समुदाय का एक बड़ा वोट बैंक बीजेपी की तरफ गया है। इसका सीधा फायदा बीजेपी को हुआ और उसने बड़ी जीत के साथ यूपी में अपनी सरकार बनाई।

यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोटबैंक: संख्या कम, असर बड़ा-किसके साथ जाएगा यह निर्णायक वर्ग?

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण वोटबैंक हमेशा से अहम रहा है। भले ही राज्य में इनकी आबादी करीब 9 फीसदी मानी जाती हो, लेकिन चुनावी असर इसके मुकाबले कहीं ज्यादा है। यही वजह है कि हर चुनाव में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस वर्ग को साधने की रणनीति पर खास ध्यान देते हैं।

टिकट बंटवारे से समझिए अहमियत

2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 402 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 40 ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे, जबकि बीजेपी ने 68 ब्राह्मणों को टिकट दिए—जो किसी एक जाति को दिए गए सबसे ज्यादा टिकट थे। इससे साफ है कि दोनों दल इस वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए गंभीर प्रयास करते हैं।

इतिहास भी देता है गवाही

कांग्रेस को लंबे समय तक ब्राह्मणों की पार्टी माना जाता रहा। आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत, कमलापति त्रिपाठी, हेमवती नंदन बहुगुणा, नारायण दत्त तिवारी और श्रीपति मिश्र जैसे ब्राह्मण मुख्यमंत्री दिए। वहीं 2007 में मायावती ने दलित-ब्राह्मण समीकरण बनाकर बहुजन समाज पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाया था।

निर्णायक सीटों पर प्रभाव

राज्य की करीब 60 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि कई जिलों में इनकी आबादी 20 फीसदी से ज्यादा है। 2017 में बीजेपी के 312 विधायकों में से 58 ब्राह्मण थे, जबकि 2022 में यह संख्या 46 रही।

बीजेपी को मिला मजबूत समर्थन

सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के अनुसार, 2022 में 89 फीसदी ब्राह्मण मतदाताओं ने बीजेपी गठबंधन को वोट दिया, जबकि समाजवादी पार्टी को सिर्फ 6 फीसदी समर्थन मिला। 2017 में भी 83 फीसदी ब्राह्मण वोट बीजेपी के पक्ष में गए थे। इससे साफ है कि पिछले दो चुनावों में बीजेपी को इस वर्ग का एकतरफा समर्थन मिला।

सपा की रणनीति: ‘पीडीए’ में सवर्ण जोड़ने की कोशिश

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अब ब्राह्मण वोटबैंक को बीजेपी से अलग करने की कोशिश में जुटे हैं। पार्टी ने परशुराम जयंती जैसे आयोजनों के जरिए ब्राह्मणों को साधने का प्रयास किया। इसके अलावा माता प्रसाद पांडेय को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाकर भी संदेश देने की कोशिश की गई। अखिलेश अपनी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति में अब ‘अगड़ा’ वर्ग को भी जोड़ने की दिशा में काम कर रहे हैं।

नाराजगी की चर्चा और बीजेपी की कोशिशें

योगी सरकार पर समय-समय पर ठाकुरवाद के आरोप लगते रहे हैं, जिससे ब्राह्मण समाज में नाराजगी की चर्चा भी हुई। यूजीसी से जुड़े विवाद और कुछ राजनीतिक घटनाओं ने इस असंतोष को और हवा दी। हालांकि बीजेपी ने स्थिति संभालने के लिए ब्राह्मण नेताओं के साथ बैठकें कीं, फीडबैक लिया और संगठनात्मक स्तर पर कमेटियां बनाईं। साथ ही ब्राह्मण चेहरों को आगे लाने की कोशिश भी जारी है।

कांग्रेस के लिए भी अवसर

1989 के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस कमजोर हुई और ब्राह्मण वोट अन्य दलों की ओर चले गए। लेकिन मौजूदा हालात में अगर बीजेपी से यह वर्ग खिसकता है, तो कांग्रेस के पास इसे फिर से अपने पाले में लाने का मौका हो सकता है।

सिर्फ संख्या नहीं, प्रभाव भी अहम

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्राह्मण मतदाता ‘स्विंग वोटर’ की भूमिका भी निभाते हैं। ये परिस्थितियों, नेतृत्व और मुद्दों के आधार पर अपना रुख बदलते रहे हैं। भले ही केवल ब्राह्मण वोटों के सहारे सरकार नहीं बनती, लेकिन कई सीटों पर ये जीत-हार का अंतर तय कर सकते हैं। साथ ही, यह वर्ग अन्य समुदायों के वोटों को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की सियासत में ब्राह्मण वोटबैंक आज भी ‘किंगमेकर’ की भूमिका में बना हुआ है—और 2027 के चुनाव की ओर बढ़ते कदमों के साथ इसकी अहमियत और बढ़ती नजर आ रही है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: 2027 Vidhan Sabha Election, Akhilesh Yadav, BJP vs SP vs BSP, Brahmin Vote Bank, Caste Politics UP, Mayawati, Political Strategy UP, UP Chunav 2027, UP Election 2027, UP Leaders, UP News Hindi, UP Political News, Uttar Pradesh Politics, Yogi Adityanath
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article PM मोदी का वीडियो डिलीट करने पर Meta पर लटकी सख्त कार्रवाई की तलवार: मार्क जुकरबर्ग को अल्टीमेटम, खत्म हो सकता है ‘सेफ हार्बर’
Next Article परिसीमन बिल पर सरकार ने मांगी कांग्रेस से मदद लेकिन राहुल गांधी ने रख दी बड़ी शर्त! बिल पर सरकार का समर्थन करेगा DMK

फीचर

View More

ब्रज से लेकर पूरे देश में गूंज रहे ‘राधे-राधे’ के जयकारे, जानिए क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद राधा जयंती

आज देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग…

By news desk 4 Min Read

गणेश चतुर्थी स्पेशल: क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड की इस गुफा में आज भी मौजूद है बप्पा का असली सिर?

हर साल देश भर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही…

5 Min Read

मुगलों से पहले भी था हरम का सिस्टम? जानिए किस सल्तनत में शुरू हुई शाही महिलाओं की यह व्यवस्था और कैसे तय होती थी रैंक

नई दिल्ली: हरम का नाम आते ही अक्सर मुगल बादशाहों और उनके…

5 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

EntertainmentTrending News

बिग बॉस फेम जिया शंकर ने मंगेतर संग शेयर कीं रोमांटिक तस्वीरें, सोशल मीडिया पर वायरल हुईं कपल की पिक्चर्स

बिग बॉस 'OTT 2' की लाइमलाइट से सीधे दिलों पर राज करने वाली खूबसूरत अभिनेत्री जिया शंकर इन दिनों इंटरनेट…

4 Min Read
Trending Newsराज्य

DUSU Election Results 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव के नतीजे घोषित, ABVP का दबदबा; जानें कौन बना नया छात्रसंघ अध्यक्ष

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ चुके हैं। 18 सितंबर 2026 को हुए मतदान के…

4 Min Read
Trending Newsबाजार

महज 8.65mm की स्लिम बॉडी में छिपा है 10,000mAh का ‘ब्रह्मास्त्र’—देखिए शाओमी का नया स्मार्टफोन!

जहाँ एक तरफ एप्पल ने iPhone 18 और iPhone 18 Pro को बाजार में उतारा है, वहीं दूसरी तरफ शाओमी…

3 Min Read
Trending Newsराज्य

उज्जैन से किराए की कार लेकर मंदिर जा रहे थे श्रद्धालु, अचानक आए उफनते नाले ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

एक तरफ आस्था और दर्शन की उमंग, तो दूसरी तरफ मौत का ऐसा खौफनाक मंजर कि देखने वालों की रूह…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?