नई दिल्ली। कांग्रेस और गांधी परिवार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नया सियासी हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच मतभेद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन के कार्यक्रमों में प्रियंका गांधी को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। भाजपा के इन दावों के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
संबित पात्रा ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रतीकात्मक संसद और रामलीला मैदान में आयोजित रैली के दौरान प्रियंका गांधी असहज और नाखुश दिखाई दीं। हालांकि, भाजपा के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से इन दावों पर प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध नहीं है।
संबित पात्रा का दावा- प्रियंका गांधी को नहीं मिला बोलने का मौका
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक संसद में राहुल गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं को अपनी बात रखने का अवसर मिला, लेकिन प्रियंका गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया।
पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान में आयोजित विपक्षी गठबंधन की रैली में भी प्रियंका गांधी को संबोधित करने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने इसे गांधी परिवार के भीतर कथित मतभेदों से जोड़ते हुए राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाए।
भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि गांधी परिवार के भीतर भी प्रियंका गांधी का ‘वोट चोरी’ हो गया है। उनके इस बयान के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और राजनीतिक भूमिका को लेकर निशाना साधा।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आशंका है कि अगर प्रियंका गांधी को पार्टी में अधिक प्रमुखता मिली, तो इससे उनकी अपनी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, यह भाजपा प्रवक्ता का दावा है। इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
कांग्रेस की ओर से इस कथित विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
दरअसल, विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच भी इन दिनों टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्षी गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर चिंता पैदा करती है। वहीं, भाजपा लगातार कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के आरोपों पर पलटवार कर रही है।
इसी राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा ने गांधी परिवार के कथित आंतरिक मतभेदों को मुद्दा बनाया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का नया केंद्र बनता है।