Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: क्या होता है मॉनसून, भारत में कैसे करता है एंट्री, IMD किन आधारों पर करता है घोषणा? जानिए बारिश से जुड़ी हर अहम बात
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > क्या होता है मॉनसून, भारत में कैसे करता है एंट्री, IMD किन आधारों पर करता है घोषणा? जानिए बारिश से जुड़ी हर अहम बात
Latest News

क्या होता है मॉनसून, भारत में कैसे करता है एंट्री, IMD किन आधारों पर करता है घोषणा? जानिए बारिश से जुड़ी हर अहम बात

vineet verma
Last updated: June 4, 2026 10:13 am
vineet verma
Share
मानसून क्या है, Monsoon Explained, What is Monsoon, India Monsoon 2026, IMD Monsoon Update, दक्षिण पश्चिम मानसून, मॉनसून कैसे आता है, मानसून की बारिश, Monsoon Arrival India, Rainfall News, Weather Update, Monsoon Facts, IMD Weather Forecast, Monsoon Forecast, Monsoon News Hindi, बारिश का विज्ञान, प्री मानसून, Monsoon Rainfall, India Weather News, Monsoon Meaning, Monsoon Arrival Date, Weather News Hindi, मानसून अपडेट, मानसून की जानकारी, भारतीय मौसम विभाग
SHARE

नई दिल्ली: देशभर में लोग भीषण गर्मी से राहत का इंतजार कर रहे हैं और निगाहें मॉनसून पर टिकी हैं। हर साल की तरह इस बार भी मॉनसून के आगमन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग ने 4 जून 2026 को केरल में मॉनसून पहुंचने की संभावना जताई है। मॉनसून केवल मौसम का बदलाव नहीं है, बल्कि भारत की कृषि, अर्थव्यवस्था और करोड़ों लोगों की आजीविका से सीधा जुड़ा हुआ है।

भारत में सबसे पहले दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल के तट पर दस्तक देता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता है और कई महीनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है। लेकिन आखिर मॉनसून क्या है, यह कैसे बनता है, क्यों अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की मात्रा अलग होती है और मौसम विभाग इसकी घोषणा कैसे करता है, आइए विस्तार से समझते हैं।

मॉनसून शब्द का क्या मतलब है?

मॉनसून शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के शब्द ‘मौसिम’ से हुई है, जिसका अर्थ है मौसम या मौसमी हवाएं। समय के साथ इस शब्द का इस्तेमाल उन हवाओं के लिए होने लगा जो मौसम के अनुसार अपनी दिशा बदलती हैं और बड़े पैमाने पर वर्षा का कारण बनती हैं।

मौसमी बदलाव के साथ चलने वाली इन हवाओं का प्रभाव दक्षिण एशिया के देशों पर सबसे अधिक पड़ता है और यही वजह है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में मॉनसून जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

क्या होता है मॉनसून?

मॉनसून एक मौसमी वायुप्रणाली है, जो समुद्र से नमी लेकर भूमि की ओर बढ़ती है और व्यापक वर्षा कराती है। गर्मियों के दौरान समुद्र की ओर से आने वाली नमीयुक्त हवाएं भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट से टकराती हैं और बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है।

ये हवाएं समुद्र से जलवाष्प लेकर आती हैं। जब ये भूमि क्षेत्र में पहुंचकर ऊपर उठती हैं तो ठंडी होकर बादलों में बदल जाती हैं और फिर वर्षा होती है। यही प्रक्रिया जून से सितंबर तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का आधार बनती है।

क्या होती है प्री-मॉनसून बारिश?

मॉनसून के आगमन से पहले मार्च से मई के बीच होने वाली बारिश को प्री-मॉनसून वर्षा कहा जाता है। इसे कई क्षेत्रों में मैंगो शावर के नाम से भी जाना जाता है।

इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है और वातावरण में नमी बढ़ने लगती है। यही परिस्थितियां बाद में मॉनसून के विकास में मदद करती हैं।

भारत में कितने प्रकार के मॉनसून होते हैं?

भारत में मुख्य रूप से दो प्रकार के मॉनसून देखे जाते हैं। पहला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून, जो जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है और देश की अधिकांश वार्षिक वर्षा का कारण बनता है।

दूसरा उत्तर-पूर्व मॉनसून है, जो अक्टूबर से दिसंबर के बीच सक्रिय होता है। इसका प्रभाव विशेष रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ अन्य हिस्सों में दिखाई देता है।

दो हिस्सों में क्यों बंट जाती हैं मॉनसूनी हवाएं?

भारत पहुंचने के बाद मॉनसूनी हवाएं दो प्रमुख शाखाओं में विभाजित हो जाती हैं। एक शाखा अरब सागर से होकर पश्चिमी तट, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान की ओर बढ़ती है।

दूसरी शाखा बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पूर्वी राज्यों की ओर बढ़ती है। हिमालय से टकराने के बाद यह पश्चिम दिशा की ओर मुड़ती है और उत्तर भारत में वर्षा कराती है।

मॉनसून के दौरान बारिश कैसे होती है?

गर्मी के मौसम में समुद्र और जमीन के तापमान में बड़ा अंतर पैदा हो जाता है। जमीन समुद्र की तुलना में अधिक गर्म हो जाती है, जिससे कम दबाव का क्षेत्र बनता है।

इस कम दबाव को भरने के लिए समुद्र से नमी वाली हवाएं भूमि की ओर बढ़ती हैं। रास्ते में ये भारी मात्रा में जलवाष्प लेकर आती हैं। ऊंचाई पर पहुंचने के बाद जलवाष्प संघनित होकर बादलों में बदलती है और फिर बारिश के रूप में धरती पर गिरती है।

IMD कैसे तय करता है कि मॉनसून आ गया है?

मौसम विभाग केवल बारिश देखकर मॉनसून की घोषणा नहीं करता। इसके लिए कई वैज्ञानिक मानकों का अध्ययन किया जाता है, जिनमें हवाओं की दिशा, वातावरण में नमी, बादलों की स्थिति और वर्षा की मात्रा शामिल होती है।

जब केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक क्षेत्र के निर्धारित आठ मौसम केंद्रों में लगातार दो दिनों तक कम से कम 2.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज होती है और अन्य मौसम संबंधी मानक भी पूरे हो जाते हैं, तब भारतीय मौसम विभाग आधिकारिक रूप से मॉनसून के आगमन की घोषणा करता है।

कितनी बारिश को सामान्य माना जाता है?

मौसम विभाग वर्षा का आकलन लॉन्ग पीरियड एवरेज यानी एलपीए के आधार पर करता है।

यदि बारिश एलपीए के 96 से 104 प्रतिशत के बीच रहती है तो उसे सामान्य माना जाता है। 90 से 95 प्रतिशत के बीच रहने पर सामान्य से कम वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है। वहीं 104 से 110 प्रतिशत के बीच बारिश सामान्य से अधिक और 110 प्रतिशत से ऊपर होने पर अत्यधिक वर्षा मानी जाती है।

अगर वर्षा 90 प्रतिशत से कम रह जाए तो उसे सूखे जैसी स्थिति माना जाता है।

केरल से पूरे देश में कैसे फैलता है मॉनसून?

मॉनसून सबसे पहले केरल तट पर पहुंचता है और इसके बाद तेजी से दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में फैलता है। अगले कुछ दिनों में यह कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत तक पहुंच जाता है।

आमतौर पर जून के दूसरे सप्ताह तक मॉनसून महाराष्ट्र, गोवा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय हो जाता है। मध्य जून तक यह मध्य भारत के बड़े हिस्से को कवर करता है।

इसके बाद जून के अंतिम सप्ताह से लेकर जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड में इसकी दस्तक होती है। जुलाई के मध्य तक मॉनसून देश के लगभग सभी हिस्सों में फैल जाता है।

क्यों हर जगह एक जैसी बारिश नहीं होती?

मॉनसून की बारिश कई कारकों पर निर्भर करती है। समुद्र से दूरी, पर्वतीय क्षेत्र, हवाओं की दिशा, नमी की उपलब्धता और स्थानीय मौसम प्रणालियां वर्षा की मात्रा को प्रभावित करती हैं।

यही वजह है कि कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जबकि कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज होती है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली शाखाओं की सक्रियता भी अलग-अलग राज्यों में वर्षा के स्तर को प्रभावित करती है।

भारत में सालभर होने वाली कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान ही होता है, इसलिए इसकी प्रगति पर पूरे देश की नजर रहती है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: IMD Monsoon Update, IMD Weather Forecast, India Monsoon 2026, India weather news, Monsoon Arrival Date, Monsoon Arrival India, Monsoon Explained, Monsoon Facts, Monsoon Forecast, Monsoon Meaning, Monsoon News Hindi, Monsoon Rainfall, Rainfall News, weather news hindi, Weather Update, What is Monsoon, दक्षिण पश्चिम मानसून, प्री मानसून, बारिश का विज्ञान, मानसून अपडेट, मानसून की जानकारी, मानसून की बारिश, मानसून क्या है, मॉनसून कैसे आता है
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article दुनिया का पहला फ्रिज कैसा था? भारत में कब हुई इसकी एंट्री, जानिए ठंडक देने वाली इस तकनीक का पूरा इतिहास
Next Article दिल्ली होटल अग्निकांड: 6 कमरों की अनुमति पर चल रहे थे 25 रूम, 21 मौतों के बाद भागता रहा मालिक; पुलिस गिरफ्त में बड़ा खुलासा

फीचर

View More

44 डिग्री गर्मी में फिर चर्चा में आया सेल्सियस, जानिए सेंटीग्रेड का क्या है मतलब और कैसे शुरू हुई तापमान मापने की यह प्रणाली

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार नए स्तर छू रहा…

By vineet verma 4 Min Read

दुनिया का पहला फ्रिज कैसा था? भारत में कब हुई इसकी एंट्री, जानिए ठंडक देने वाली इस तकनीक का पूरा इतिहास

लखनऊ: आज के दौर में फ्रिज हर घर की जरूरत बन चुका…

6 Min Read

‘फ़ोन की दुनिया में खो रहा है बचपन’, उंगलियों की रफ्तार रिश्तों में ला रही ठहराव! कभी मैदानों में गूंजती थी बच्चों की आवाज, आज स्क्रीन पर सिमट गया बचपन

गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी है एक समय था जब इन…

3 Min Read

विचार

View More

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

You Might Also Like

Latest Newsफीचर

44 डिग्री गर्मी में फिर चर्चा में आया सेल्सियस, जानिए सेंटीग्रेड का क्या है मतलब और कैसे शुरू हुई तापमान मापने की यह प्रणाली

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार नए स्तर छू रहा…

4 Min Read
Latest Newsवर्ल्ड

पुतिन का 26 अरब डॉलर का मिशन! क्या बुढ़ापे को मात देकर इंसान बन सकेगा जवान? रूस क्यों कर रहा है एंटी-एजिंग टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव

मॉस्को: दुनिया भर में बढ़ती उम्र को धीमा करने और लंबी उम्र पाने को लेकर वैज्ञानिक शोध लगातार जारी हैं,…

6 Min Read
Latest News

पूर्वांचल पर बादलों की बेरुखी, पश्चिमी यूपी पर मेहरबानी! देवरिया रह गया था पिछले साल प्यासा…आखिर क्या है बारिश के असमान बंटवारे का कारण?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून को लेकर हर साल नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े…

6 Min Read
Latest Newsफीचर

क्या बिना बिजली के चलेगा एसी? नमक, पानी और धूप से ठंडा होगा कमरा, नई तकनीक ने जगाई उम्मीद

रियाद: बढ़ती गर्मी और बिजली की बढ़ती खपत के बीच एक ऐसी तकनीक चर्चा में है, जो भविष्य में एयर…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?