पप्पीरेड्डीपट्टी (तमिलनाडु)। आगामी चुनावों में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धर्मपुरी जिले के पप्पीरेड्डीपट्टी विधानसभा क्षेत्र में एक अनोखी जागरूकता मुहिम चलाई गई।
चुनाव पर्यवेक्षक हीरालाल के नेतृत्व में ‘मक्कल अत्ची काडू’ (लोकतांत्रिक वन) योजना के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पर्यावरण और लोकतंत्र: मतदाताओं को जागरूक करने के लिए पौधों को रोपा गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, बल्कि 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव में सभी को वोट डालने के लिए प्रेरित भी किया गया।
जनजातीय क्षेत्रों में विशेष अभियान: अधिकारियों ने पुतनाथम पंचायत के गुंडलमडुवु गांव का दौरा किया, जहाँ ‘इरुलर’ जनजातीय समुदाय के लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और लोकतंत्र में मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में चुनाव अधिकारी गोविंदान, तहसीलदार कविता और अन्य सरकारी कर्मचारी मौजूद रहे। पर्यवेक्षक हीरालाल ने कहा कि प्रत्येक मतदाता को पौधा लगाकर पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाते हुए मतदान जरूर करना चाहिए।
जनजातीय इलाकों में जागरूकता पर जोर
पर्यवेक्षक हीरालाल और स्थानीय चुनाव अधिकारियों की टीम ने जिले के दूरदराज के क्षेत्रों, विशेषकर गुंडलमडुवु जैसे जनजातीय गांवों का दौरा किया।अधिकारियों ने ‘इरुलर’ जनजातीय समुदाय के बीच जाकर उन्हें मतदान के महत्व के बारे में समझाया। साथ ही, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय हिस्सा लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया गया।
आईएएस हीरालाल: ग्रीन इलेक्शन के प्रणेता
आपको बता दें कि डॉ. हीरालाल (IAS) भारत में ‘ग्रीन इलेक्शन’ की अवधारणा को लोकप्रिय बनाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बांदा और पंजाब के आनंदपुर साहिब में भी सफलतापूर्वक ऐसे प्रयोग किए हैं।
पर्यावरण के प्रति संकल्प: मतदान केंद्रों को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाना और मतदाताओं द्वारा यादगार के तौर पर पौधे रोपना इस पहल का मुख्य हिस्सा है। संदेश: “एक वोट देश के लिए, एक पौधा धरती के लिए।”