आज के समय में ज्यादातर लोग फ्लैट या अपार्टमेंट में रहते हैं। ऐसे घर में वास्तु के हिसाब से बड़े बदलाव करना आसान नहीं होता। न दीवार तोड़ी जा सकती है और न ही कमरों, दरवाजों या खिड़कियों की दिशा बदलना हर किसी के लिए संभव है। ऐसे में वास्तु शास्त्र में कुछ आसान उपाय बताए जाते हैं, जिनमें घर की अलग-अलग दिशाओं में खास तरह की तस्वीरें लगाना भी शामिल है। मान्यता है कि इन तस्वीरों के जरिए घर के वातावरण में सकारात्मकता और संतुलन का भाव बनाया जा सकता है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता, मजबूती और संतुलन से जोड़कर देखा जाता है। इस दिशा में ऊंचे और मजबूत पहाड़ों की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है।
पहाड़ों को स्थिरता और मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिशा के लिए ऐसी तस्वीर चुनने की सलाह दी जाती है, जिसमें पहाड़ मजबूत और शांत नजर आएं।
हालांकि, तस्वीर लगाते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि उसमें तूफान, सुनसान या डरावना वातावरण दिखाई न दे। वास्तु मान्यताओं में शांत और प्राकृतिक दृश्य को प्राथमिकता दी जाती है।
वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को करियर, व्यापार और अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। इस दिशा में जल तत्व से जुड़ी तस्वीर लगाने की मान्यता है।
इसके लिए आप शांत बहते झरने, नदी या साफ पानी की तस्वीर लगा सकते हैं। बहता हुआ पानी प्रगति, गतिशीलता और नए अवसरों का प्रतीक माना जाता है।
अगर घर में ऐसी तस्वीर लगाई जा रही है, तो तस्वीर में पानी साफ और शांत दिखाई देना बेहतर माना जाता है। बहुत उग्र समुद्र, सुनामी या तेज तूफान वाली तस्वीरों से बचने की सलाह दी जाती है।
पूर्व दिशा का संबंध वास्तु मान्यताओं में सूर्य, ऊर्जा और नई शुरुआत से जोड़ा जाता है। इसलिए इस दिशा में उगते सूरज की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है।
उगता हुआ सूरज उम्मीद, ऊर्जा और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि पूर्व दिशा की दीवार पर सूर्योदय का सुंदर और शांत दृश्य लगाया जा सकता है।
खास बात यह है कि तस्वीर ऐसी हो जिसमें सूरज उगता हुआ दिखाई दे। बहुत तेज लाल या अस्त होते सूरज की तस्वीर के बजाय शांत और प्राकृतिक सूर्योदय का दृश्य बेहतर विकल्प माना जाता है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में कोई भी तस्वीर लगाते समय उसके दृश्य और स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। फटी हुई, धुंधली या खराब हो चुकी तस्वीरों को घर में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
ऐसी तस्वीर चुनें जो देखने में मन को सुकून दे और घर की सजावट के साथ भी अच्छी लगे। तस्वीरों को साफ रखना और समय-समय पर उनकी सफाई करना भी जरूरी है।
यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि तस्वीर लगाने से वास्तु दोष दूर होने का दावा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है। पहाड़, पानी या उगते सूरज की तस्वीर लगाने से सकारात्मक माहौल महसूस होना व्यक्तिगत अनुभव या वास्तु मान्यता का हिस्सा हो सकता है।
इसलिए फ्लैट में वास्तु से जुड़े किसी उपाय को अपनाने से पहले इसे धार्मिक या पारंपरिक मान्यता के रूप में ही देखना उचित है। घर की संरचना में बड़े बदलाव करने की जरूरत हो तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र की मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इन मान्यताओं की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। इसे अपनाने से पहले अपनी समझ और सुविधा के अनुसार निर्णय लें,indianpresshouseइसकी पुष्टि नहीं करता है।
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