नई दिल्ली। United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव के बाद घोषित सीजफायर पर भारत ने संतुलित और कूटनीतिक प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने इस कदम का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे कारगर रास्ता है।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत शुरू से ही इस पूरे विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की वकालत करता रहा है।
बयान में जोर देकर कहा गया कि मौजूदा हालात में सबसे जरूरी है तनाव को कम करना और सभी पक्षों को शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक रास्ते अपनाने चाहिए।
भारत ने उम्मीद जताई कि यह सीजफायर सिर्फ अस्थायी राहत नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह प्रतिक्रिया उसके ‘संतुलित विदेश नीति’ दृष्टिकोण को दर्शाती है, जहां वह किसी पक्ष में खड़े होने के बजाय स्थिरता और शांति को प्राथमिकता देता है।
सीजफायर का ऐलान Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किया था, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
भारत की प्रतिक्रिया भी इसी कड़ी में आई, जिसमें उसने एक बार फिर साफ किया कि वैश्विक संघर्षों का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति में ही निहित है।
विश्लेषकों के अनुसार, भारत का यह रुख कई मायनों में महत्वपूर्ण है, एक ओर वह वैश्विक शांति की अपील करता है, दूसरी ओर अपनी ‘स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी’ को भी बनाए रखता है।यानी भारत न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार और संतुलित शक्ति के रूप में अपनी भूमिका भी मजबूत कर रहा है।
भारतीय हॉकी टीम के मुख्य चयनकर्ता और उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह…
दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ कानूनी लड़ाई से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मानवाधिकारों की…
नई दिल्ली | एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीमों की स्वर्णिम सफलता के बाद…
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का नाम…
जब भी टेक जगत के बादशाह सैमसंग का नाम आता है, तो तकनीक प्रेमियों की…
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर…