Trending News

ट्रंप के ‘सीजफायर’ पर अमेरिका में घमासान: क्या ईरान के सामने हुआ ‘सरेंडर’? सीनेटर ने कहा- राष्ट्रपति पद के अयोग्य

वाशिंगटन। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद जहां एक ओर दुनिया राहत महसूस कर रही है, वहीं अमेरिका के भीतर राजनीतिक भूचाल आ गया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं, लेकिन विपक्ष और कुछ पूर्व अधिकारी इसे “विनाशकारी नीति” करार दे रहे हैं।

मुख्य बिंदु: ट्रंप की ‘जीत’ बनाम विपक्ष का ‘सरेंडर’ आरोप

दावे और प्रतिदावे: ट्रंप और ईरान दोनों ही खुद को विजेता बता रहे हैं। सीनेटर का हमला: क्रिस मर्फी ने ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए “अयोग्य” बताया।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): आरोप है कि ट्रंप ने ईरान को इस रणनीतिक रास्ते पर नियंत्रण की अनुमति दी है। व्हाइट हाउस के बाहर विरोध: प्रदर्शनकारी ट्रंप को तुरंत पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।

क्या है ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ट्रंप की जीत का दावा?

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसे अमेरिका की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने ट्वीट किया कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के जरिए अमेरिकी सेना ने वह लक्ष्य मात्र 38 दिनों में हासिल कर लिया, जिसके लिए 4-6 हफ्ते का अनुमान था। लेविट के अनुसार, ट्रंप की कूटनीति और सैन्य शक्ति के कारण ही एक दीर्घकालिक शांति का रास्ता खुला है।

“ट्रंप सच नहीं बोल रहे”-सीनेटर क्रिस मर्फी का तीखा हमला

डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने राष्ट्रपति के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। मर्फी का कहना है कि:

“ट्रंप ने ईरान के सामने घुटने टेक दिए हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान को नियंत्रण देना दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा। ट्रंप सच नहीं बता रहे और वह राष्ट्रपति पद की गरिमा के योग्य नहीं हैं।”

इजरायल पर लगाम लगाने की मांग

नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के पूर्व चीफ ओई केंट, जिन्होंने ईरान नीति पर मतभेद के चलते इस्तीफा दिया था, उन्होंने एक चौंकाने वाला सुझाव दिया है। केंट का मानना है कि अब इजरायल को काबू में रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता (Military Support) की शर्तों में बदलाव करना चाहिए क्योंकि ईरान के मामले में इजरायल और अमेरिका के हित अलग-अलग हैं।

व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन: “इलेक्शन तक इंतजार नहीं कर सकते”

वॉशिंगटन में माहौल तनावपूर्ण है। व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा ‘वॉर क्राइम्स’ किए गए हैं।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा: “हम चुनाव तक का इंतजार नहीं कर सकते। जो जुल्म पूरी दुनिया में इस प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, उसे अभी रुकना होगा। ट्रंप को जाना ही होगा।”

विशेषज्ञों की राय: बाजार और वैश्विक सुरक्षा

भले ही राजनीतिक गलियारों में विरोध हो, लेकिन मार्केट ने इस सीजफायर का स्वागत किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर ईरान का प्रभाव बढ़ता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और सुरक्षा के लिए भविष्य में गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

news desk

Recent Posts

पंजाब नगर निकाय चुनाव: क्या AAP की पकड़ कमजोर हो रही है?

पंजाब की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। राज्य में होने वाले…

1 hour ago

गर्मी का कहर और बिजली संकट: रिन्यूएबल एनर्जी की असल चुनौती क्या है?

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग अचानक तेजी से…

2 hours ago

नाखूनों में बदलाव क्या बताते हैं? जानिए पोषण, चोट और बीमारियों के छिपे संकेत

हम अक्सर अपने नाखूनों को सिर्फ सौंदर्य या सफाई के नजरिए से देखते हैं, लेकिन…

2 hours ago

Activa की नींद उड़ाने आई TVS की ये नई ‘सुंदरी’! क्या आपने देखे इसके नए अवतार और अमेजिंग फीचर्स को?

स्कूटर सेगमेंट में अब मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि देश की जानी-मानी…

2 hours ago

हरप्रीत की पोस्ट पर युवराज सिंह ने लगा दी क्लास! बोले — “अब चप्पलों का टाइम….”

IPL 2026 के बीच पंजाब किंग्स (PBKS) के कैंप से एक बेहद दिलचस्प और वायरल…

3 hours ago

जालोर के भीनमाल में जमीनी विवाद को लेकर युवक पर किया लाठी-सरियों से हमला, फिर स्कॉर्पियो से कुचला

राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल शहर से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद…

4 hours ago