युवा महिला क्रिकेटरों के सबसे बड़े महाकुंभ का बिगुल बज चुका है। आईसीसी (ICC) ने अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप के तीसरे संस्करण के पूरे शेड्यूल का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। बांग्लादेश और नेपाल की संयुक्त मेजबानी में खेले जाने वाले इस बड़े टूर्नामेंट में 16 देश विश्व विजेता बनने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। अगले साल 21 जनवरी से 6 फरवरी के बीच होने वाले इस रोमांचक टूर्नामेंट में भारतीय टीम अपना खिताब बचाने के इरादे से अपने अभियान की शुरुआत 22 जनवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ करेगी।
चार ग्रुपों में बंटी 16 टीमें, भारत ग्रुप ‘ए‘ में शामिल
टूर्नामेंट में भाग ले रही 16 टीमों को चार अलग-अलग ग्रुप में विभाजित किया गया है। भारतीय टीम को ग्रुप ‘ए’ में रखा गया है।
- ग्रुप ए: भारत, आयरलैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल
- ग्रुप बी: साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, सामोआ
- ग्रुप सी: ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, नाइजीरिया, यूएई
- ग्रुप डी: इंग्लैंड, श्रीलंका, अमेरिका, स्कॉटलैंडॉ

21 जनवरी से 26 जनवरी तक का पूरा मैच शेड्यूल
21 जनवरी
- बांग्लादेश बनाम यूएई
- ऑस्ट्रेलिया बनाम नाइजीरिया
- श्रीलंका बनाम स्कॉटलैंड
- इंग्लैंड बनाम अमेरिका
22 जनवरी
- न्यूजीलैंड बनाम सामोआ
- नेपाल बनाम आयरलैंड
- साउथ अफ्रीका बनाम पाकिस्तान
- भारत बनाम वेस्टइंडीज
23 जनवरी
- यूएई बनाम नाइजीरिया
- अमेरिका बनाम स्कॉटलैंड
- बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया
- श्रीलंका बनाम इंग्लैंड
24 जनवरी
- नेपाल बनाम भारत
- पाकिस्तान बनाम न्यूजीलैंड
- आयरलैंड बनाम वेस्टइंडीज
25 जनवरी
- ऑस्ट्रेलिया बनाम यूएई
- इंग्लैंड बनाम स्कॉटलैंड
- बांग्लादेश बनाम नाइजीरिया
- अमेरिका बनाम श्रीलंका
26 जनवरी
- पाकिस्तान बनाम सामोआ
- वेस्टइंडीज बनाम नेपाल
- न्यूजीलैंड बनाम साउथ अफ्रीका
- भारत बनाम आयरलैंड
“महिला क्रिकेट के विकास में अहम मोड़”: ICC CEO संजोग गुप्ता
आईसीसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में सीईओ (CEO) संजोग गुप्ता ने इस टूर्नामेंट के महत्व पर जोर देते हुए कहा:
“ICC अंडर-19 टी20 विश्व कप महिला क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाता है। यह युवा खिलाड़ियों को अपने आयु वर्ग में सबसे ऊंचे स्तर पर खेलने और वैश्विक मंच पर अनुभव हासिल करने का अवसर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में 16 टीमों को एक साथ लाकर, यह टूर्नामेंट महिला क्रिकेट में प्रतिभा की बढ़ती गहराई को प्रदर्शित करेगा। यह स्थापित और उभरते हुए क्रिकेट देशों की खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के जरिए आगे बढ़ने के मौके भी देगा।”