वोट चोरी के आरोपों से घिरे चुनाव आयोग के लिए हरियाणा की एक विधानसभा सीट उचाना कलां बड़ा सिरदर्द बन सकती है. 2024 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जीत हार का फैसला मात्र 32 वोटों से हुआ था. जिसके बाद कांग्रेस के उम्मीदवार बृजेन्द्र सिंह कोर्ट में चले गए थे. कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई हैरान रह गया.
क्या है पूरा मामला?
उचाना सीट से 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देवेंद्र अत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह को मात्र 32 वोटों के बेहद कम अंतर से हराया था. चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुल 1,377 पोस्टल बैलेट्स प्राप्त हुए थे, जिनमें से 215 बैलेट्स को अमान्य घोषित कर दिया गया था. आरोप है कि उनमें से 155 से अधिक बैलेटों की गिनती ही नहीं की गई.
बृजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि पोस्टल बैलेट्स की जांच ठीक से नहीं हुई और बिना वैध कारणों के उन्हें खारिज कर दिया गया, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ.
एक गवाही से मची हलचल!
बृजेंद्र सिंह ने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई अब निर्णायक चरण में है. अदालत ने उनकी गवाही दर्ज कर ली है और याचिका में संशोधन की अनुमति भी दे दी है. अब याचिका केवल 215 अमान्य पोस्टल बैलेटों की पुनर्विचार प्रक्रिया तक सीमित कर दी गई है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका की मूल प्रकृति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सुनवाई जारी रखी जाएगी.
बीजेपी विधायक की आपत्ति खारिज
बीजेपी विधायक देवेंद्र अत्री ने याचिका में हुए संशोधन को चुनौती दी थी और इसे खारिज करने की मांग की थी. लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि याचिका में “पर्याप्त कारण” हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई ज़रूरी है. हाईकोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार की मतगणना दोबारा कराने की याचिका स्वीकार कर ली है. इससे उन 215 अमान्य पोस्टल बैलेट्स की पुनः समीक्षा का रास्ता साफ हो गया है. वहीं, बीजेपी की ओर से इस मांग को रोकने की कोशिश की गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया.
8 अक्टूबर को रिटर्निंग ऑफिसर को कोर्ट में पेश होने का आदेश
हाईकोर्ट ने 8 अक्टूबर 2025 को उचाना सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (निर्वाचन अधिकारी) को अदालत में पेश होने का भी आदेश जारी किया है. माना जा रहा है कि इसी दिन अदालत पुनर्गणना के निर्देश भी दे सकती है. अगर ऐसा हुआ और पुनर्गणना में नतीजे बदले, तो यह हरियाणा ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर साबित हो सकता है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के मामले पर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. ऐसे में उचाना कलां विधानसभा की सुनवाई मील का पत्थर बन सकती है.