कीव/वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका के रुख में आए अचानक बदलाव (U-Turn) ने पूर्वी यूरोप में एक नया और घातक सामरिक संकट खड़ा कर दिया है। नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन में यूक्रेन को ‘पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइल’ (Patriot Interceptor) खुद बनाने का लाइसेंस देने का वादा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयान से पीछे हट गए हैं।
कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इतनी संवेदनशील सैन्य तकनीक यूक्रेन को हस्तांतरित करना अमेरिका के लिए बड़ा रणनीतिक जोखिम हो सकता है।
27 में से 26 बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई तबाही: कीव में भारी जान-माल का नुकसान
ट्रंप के इस फैसले के तुरंत बाद रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अब तक का सबसे भयावह हवाई हमला बोल दिया। रूसी सेना ने कीव, सूमी, खारकीव और पोल्टावा क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए एक ही रात में 27 बैलिस्टिक मिसाइलें (Iskander-M/S-400) दागीं।
यूक्रेन का एयर डिफेंस सिस्टम इंटरसेप्टर मिसाइलों के अभाव में पूरी तरह असहाय साबित हुआ और 27 में से केवल 1 बैलिस्टिक मिसाइल को ही हवा में नष्ट किया जा सका।
- तबाही का आंकड़ा: 26 बैलिस्टिक मिसाइलें सीधे रिहायशी इलाकों पर गिरीं, जिसमें 22 वर्षीय पुलिसकर्मी समेत 9 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भावुक अपील करते हुए कहा:
“हमारे पास पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिसके कारण हम अपने लोगों को बचा नहीं पा रहे हैं। पश्चिमी देश इन रक्षात्मक मिसाइलों को गोदामों में रखने के बजाय हमें तुरंत सौंपें, क्योंकि हर एक मिसाइल मासूमों की जान बचा सकती है।”
यूक्रेन का काला सागर में महा-पलटवार: रूसी मालवाहक जहाज ‘यानिना’ डूबा
रूस के इस भीषण हमले के कुछ ही घंटों भीतर यूक्रेनी सेना ने काला सागर (Black Sea) में रूस की युद्ध आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बड़ा झटका दिया। स्वदेशी ‘मिडिल-स्ट्राइक’ ड्रोन्स का इस्तेमाल करते हुए यूक्रेन ने रूस के प्रतिबंधित और विशालकाय कंटेनर जहाज ‘यानिना’ (Yanina) को नोवोरोसिस्क बंदरगाह के पास डुबो दिया।
करीब 1 लाख टन क्षमता वाला यह जहाज रूस के सैन्य सामान और रसद पहुंचाने का मुख्य जरिया था। हालांकि, रूस की सरकारी परमाणु कंपनी ‘रोसाटॉम’ ने दावा किया है कि जहाज पर केवल असैनिक नागरिक सामान था और इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया, जबकि चालक दल के सभी 17 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।