Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?
Trending Newsवर्ल्ड

चुनाव से पहले नया विवाद! क्या Greenland प्लान से अर्थव्यवस्था की नाकामी छुपाना चाहते हैं ट्रंप?

news desk
Last updated: January 11, 2026 12:31 pm
news desk
Share
ट्रंप ग्रीनलैंड विवाद
ट्रंप ग्रीनलैंड विवाद
SHARE

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और फैसलों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने संयुक्त विशेष अभियान कमांड (JSOC) को ग्रीनलैंड पर संभावित सैन्य हमले की योजना बनाने का निर्देश दिया है। यह खबर ऐसे वक्त आई है जब ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है और जरूरत पड़ी तो उस पर कब्जा किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी इस पूरे विचार से असहमत नजर आ रहे हैं और इसे कानून के खिलाफ बता रहे हैं।

ट्रंप का ग्रीनलैंड प्रेम पुराना है

ट्रंप का ग्रीनलैंड को लेकर आकर्षण कोई नई बात नहीं है। 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने की पेशकश की थी, जिसे डेनमार्क सरकार ने साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। अब 2026 में हालात एक बार फिर गर्म हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने वाली सफल अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप के करीबी सलाहकार, खासकर स्टीफन मिलर जैसे ‘हॉक’ माने जाने वाले नेता, इस योजना को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। ट्रंप का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन का बढ़ता प्रभाव अमेरिका के लिए खतरा है और ग्रीनलैंड पर नियंत्रण से इस चुनौती को रोका जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीनलैंड में मौजूद दुर्लभ खनिज और उसका रणनीतिक स्थान भी इस दिलचस्पी की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

सेना के अंदर ही उठ रहे सवाल

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप की इस सोच का सबसे कड़ा विरोध खुद अमेरिकी सेना के भीतर से हो रहा है। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के कई सदस्यों ने इसे ‘पागलपन’ और ‘अवैध’ करार दिया है। सेना के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के ऐसा कोई भी सैन्य कदम उठाना संभव नहीं है। साथ ही, यह नाटो संधि का भी खुला उल्लंघन होगा, क्योंकि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और डेनमार्क नाटो का सदस्य देश है। सूत्रों के मुताबिक, सैन्य अधिकारी ट्रंप को ग्रीनलैंड की बजाय दूसरे मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं, जैसे रूसी ‘घोस्ट शिप्स’ को रोकना या ईरान से जुड़ी रणनीतियां।

डेनमार्क से यूरोप तक नाराजगी

इस खबर के सामने आते ही डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिकसन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका किसी नाटो सहयोगी पर हमला करता है, तो हालात बेहद गंभीर हो जाएंगे। ब्रिटेन ने भी दो टूक कहा है कि वह ग्रीनलैंड पर किसी भी हमले के लिए अमेरिका को अपनी सैन्य सुविधाएं इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा। यूरोप के कई नेता इस पूरे घटनाक्रम को नाटो के लिए खतरा मान रहे हैं और आशंका जता रहे हैं कि ट्रंप का असली मकसद नाटो को कमजोर करना हो सकता है।

ग्रीनलैंड में करीब 57 हजार लोग रहते हैं और यह डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। अमेरिका पहले से ही 1951 की संधि के तहत यहां पिटुफिक स्पेस बेस (पहले थुले एयर बेस) संचालित करता है, जहां 100 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ट्रंप प्रशासन के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए ‘खरीद’ को प्राथमिक विकल्प माना जा रहा है, लेकिन सैन्य रास्ते को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा विवाद अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले आर्थिक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश भी हो सकता है। अगर ट्रंप इस योजना पर आगे बढ़ते हैं, तो इसका असर सिर्फ नाटो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल, सबकी नजरें अमेरिकी कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Arctic geopolitics, Denmark Greenland reaction, Donald Trump News, Europe NATO tension, global security news, Greenland controversy, Greenland strategic importance, NATO crisis, Trump economy issues, Trump Greenland plan, US election politics, US foreign policy, US midterm elections, US military plan, world politics news
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article भारत रत्न विवाद: नीतीश कुमार या लालू यादव? बिहार में नेताओं की बयानबाजी जारी
Next Article कड़ाके की ठंड से कांपा उत्तर भारत, दिल्ली में टूटा सीजन का रिकॉर्ड

फीचर

View More

चार साल की तपस्या, अनगिनत रातें और बदले में सिर्फ 464 रुपये! UPSC छोड़ने के बाद कबाड़ी को बेचीं किताबें, भावुक कर देगी अभ्यर्थी की कहानी

नई दिल्ली: यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए किताबें सिर्फ कागज का ढेर नहीं होतीं। हर किताब के साथ…

By vineet verma 7 Min Read

खट से स्कैन, फट से पेमेंट! 10 साल का हुआ UPI, जानिए कैसे चंद सेकेंड में बैंक से बैंक पहुंचता है पैसा

नई दिल्ली: मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन किया, यूपीआई पिन डाला और…

5 Min Read

एक बार जोड़ी बनी तो जिंदगीभर साथ! प्यार और वफादारी की मिसाल है ये खूबसूरत पक्षी, जानें क्यों है इतना खास

लखनऊ: दुनिया में कई पक्षी अपनी खास खूबियों के लिए पहचाने जाते…

3 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

नेपाल में सैलाब से तबाही के बाद भारत हाई अलर्ट पर, C-17 और C-130J समेत वायुसेना के विमान स्टैंडबाय; PM मोदी ने बालेन शाह से की बात

नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत ने भी तैयारियां तेज कर दी…

5 Min Read
Trending Newsफीचर

चार साल की तपस्या, अनगिनत रातें और बदले में सिर्फ 464 रुपये! UPSC छोड़ने के बाद कबाड़ी को बेचीं किताबें, भावुक कर देगी अभ्यर्थी की कहानी

नई दिल्ली: यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए किताबें सिर्फ कागज का ढेर नहीं होतीं। हर किताब के साथ…

7 Min Read
Latest Newsवर्ल्ड

जापान में तूफान ‘साउडेल’ ने मचाई तबाही, 150 उड़ानें रद्द; 30 हजार घरों की बिजली गुल, 144 KM की रफ्तार से चली हवाएं

टोक्यो: जापान के ओकिनावा और आसपास के दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों में तूफान ‘साउडेल’ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं…

3 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

“ज्वालामुखी फटने जैसी थी आवाज, चीखते हुए भागे लोग”, तिब्बत में जल प्रलय के बाद नेपाल में तबाही; सैलाब का खौफनाक VIDEO

काठमांडू: नेपाल-चीन सीमा से बाढ़ की तबाही का एक भयावह वीडियो सामने आया है। तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर अचानक…

6 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?