नई दिल्ली: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद भारत ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में एहतियात बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर संवेदना जताई और हर संभव मानवीय मदद का भरोसा दिया। वहीं भारतीय वायुसेना ने राहत अभियान के लिए C-17, C-130J और C-295 परिवहन विमानों को स्टैंडबाय पर रखा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की है। उन्होंने नेपाल में बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत के लोग नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारत ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने की तैयारी की है और दोनों देशों की टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।
बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य के लापता होने की खबर है। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान के बाद नेपाल से लगे भारत के इलाकों में भी प्रशासन ने निगरानी और एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं।
जरूरत पड़ी तो खुद मौके पर जाऊंगा: सम्राट चौधरी
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य सरकार नेपाल से आने वाले पानी और उससे पैदा होने वाले संभावित खतरे पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने हालात की निगरानी के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाए जाने की जानकारी दी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वह खुद भी अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद मौके पर जाएंगे।
योगी ने महराजगंज और कुशीनगर में बढ़ाई सतर्कता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को चिंताजनक बताया है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना करते हुए अधिकारियों को जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
नेपाल में आई बाढ़ के असर से महराजगंज और कुशीनगर में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है।
सीएम योगी ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में रहने और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर SSB की 18 टीमें अलर्ट
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल ने भी अपनी इकाइयों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, तत्काल बचाव और राहत अभियान के लिए SSB की 11 बचाव एवं राहत टीमें तैयार रखी गई हैं, जबकि सात अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
ये टीमें राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव, राहत और आपातकालीन अभियानों में मदद करने के लिए तैयार हैं। यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने की आशंका और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए जारी किया गया है।
C-17, C-130J और C-295 विमान स्टैंडबाय पर
नेपाल में राहत अभियान की जरूरत को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने अपने परिवहन विमानों को भी तैयार रखा है। C-17, C-130J और C-295 विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री और अन्य जरूरी सामान नेपाल पहुंचाया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार देर शाम तक C-130J परिवहन विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए उड़ान भर सकता है। हालात के मुताबिक राहत अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
भारत सरकार की ओर से नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए दो आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं।
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500
इन दोनों नंबरों पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।