अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं. अमेरिका ने भारत पर टैरिफ 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है, जबकि चीन को इसमें कुछ राहत दी गई. इसकी वजह से भारत की चिंता और बढ़ गई है, खासकर तब जब रूस के साथ व्यापार तो तेज़ी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ-साथ व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
रूस दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मुद्दे को खुलकर उठाया. उन्होंने कहा कि भारत-रूस का ट्रेड 2021 में 13 अरब डॉलर से पांच गुना बढ़कर 2024-25 में 68 अरब डॉलर तक पहुंच गया है पर इसके साथ-साथ व्यापार असंतुलन भी बढ़ा है. पहले यह घाटा 6.6 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर 58.9 अरब डॉलर हो गया है, जो पहले से लगभग नौ गुना ज्यादा है. ऐसे में एस. जयशंकर ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसे तुरंत कम करने की जरूरत है.
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के गुरूवार को होने वाली मीटिंग से पहले एस. जयशंकर ने व्यापार संतुलन बनाने के लिए सुझाव दिया कि ‘टैरिफ और गैर-टैरिफ संबंधी ट्रेड की दिक्कतों को दूर करना हमारी प्राथमिकता होगी. इससे आयात-निर्यात प्रक्रिया में तेजी आएगी, लागत घटेगी और ट्रेडर्स का समय भी बचेगा.’ साथ ही उन्होनें कहा कि ‘2030 तक भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है.’
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