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भारतीय सर्राफा बाजार से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सोने की कीमतों में अपने ऑल-टाइम हाई लेवल से लगभग 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की भारी गिरावट के बावजूद, खरीदारों ने बाजार से पूरी तरह दूरी बना ली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन “IBJA” की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सोने की मांग में 70 परसेंट तक की भारी कमी दर्ज की गई है।
सोने को हमेशा से संकट का साथी और सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, लेकिन प्रेजेंट मार्केट ट्रेंड ने सभी इकोनॉमिक एनालिस्ट्स को हैरान कर दिया है। इस साल 29 जनवरी 2026 को प्योर 24 कैरेट वाला सोना अपने टॉप पर था और इसकी कीमत 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी, जो अब 1 जुलाई 2026 को क्रैश होकर लगभग 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ चुकी है। इतनी बड़ी गिरावट के बाद भी ज्वेलरी शोरूम खाली पड़े हैं।
IBJA के सचिव सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, इस मंदी और मांग में आई भारी गिरावट की सबसे मुख्य वजह सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा फैसला है। बीते 13 मई को सरकार ने सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 15 फीसदी कर दिया था। इस फैसले के तुरंत बाद घरेलू बाजार में सोने की तरलता और व्यापार पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा और तभी से मांग का ग्राफ लगातार नीचे गिरता चला गया।
इस बदलाव के पीछे एक और बड़ी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई अपील भी है, जिसमें उन्होंने नया सोना न खरीदने को कहा था। आम जनता में नया सोना खरीदने को लेकर एक तरह का डर देखा जा रहा है। लोगों को लग रहा है कि आने वाले दिनों में कीमतें अभी और नीचे जा सकती हैं। लोग नए आभूषण लेने के बजाय पुराने सोने को बदलकर ही अपना काम चला रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के बीच भारतीयों ने लगभग 50 टन पुराना सोना बेचकर मार्केट से कैश इकट्ठा “लिक्विडेट” किया है।
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी गोल्ड लगातार कमजोर हो रहा है। इंटरनेशनल刻 मार्केट में स्पॉट गोल्ड 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे गिरकर 3,981 डॉलर पर पहुंच गया है, जो कि पिछले 7 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक गोल्ड से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
24 कैरेट (शुद्ध सोना): 1,38,876 रुपए प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट (ज्वेलरी गोल्ड): 1,27,772 रुपए प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट (कम शुद्धता): 1,08,576 रुपए प्रति 10 gram
सोने की मांग में आई इस 70% की चौतरफा गिरावट ने भले ही सरकार के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और व्यापार घाटे को कम करने में मदद की हो, लेकिन स्थानीय व्यापार पर इसका बहुत बुरा असर पड़ा है। देश भर के लाखों छोटे-बड़े ज्वेलर्स इस समय भारी वित्तीय नुकसान से गुजर रहे हैं। मांग पूरी तरह ठप होने के कारण सबसे बड़ा झटका उन छोटे कारीगरों को लगा है जिनकी रोजी-रोटी रोजाना आभूषण बनाने पर टिकी होती है। इस सेक्टर में अब बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का खतरा मंडराने लगा है।
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