नई दिल्ली: यदि आप आज 7 अगस्त 2026, शुक्रवार को कोई नया काम शुरू करने, निवेश करने, यात्रा पर निकलने या किसी मांगलिक कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त जान लेना आपके लिए उपयोगी हो सकता है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज सावन मास का शुक्रवार है, जिसे मां लक्ष्मी, मां संतोषी और भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
आज का पंचांग (7 अगस्त 2026)
- वार: शुक्रवार
- तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी (सायं 6:44 बजे तक)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- मास: श्रावण
- ऋतु: वर्षा ऋतु
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
नक्षत्र, योग और करण
- नक्षत्र: कृतिका (रात्रि 8:33 बजे तक), इसके बाद रोहिणी
- योग: वृद्धि (दोपहर 1:21 बजे तक)
- करण: वणिज (प्रातः 7:23 बजे तक), इसके बाद भद्रा (सायं 6:44 बजे तक), फिर बव
- चंद्र राशि: वृषभ
- सूर्य राशि: कर्क
- पंचक: आज पंचक नहीं है।
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:41 बजे से 3:34 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:11 बजे से 4:59 बजे तक
आज का राहुकाल और अन्य अशुभ समय
- राहुकाल: प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:47 बजे से सायं 5:27 बजे तक
- गुलिक काल: प्रातः 7:26 बजे से 9:07 बजे तक
इन समयों में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दिशाशूल और उपाय
आज पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना शुभ माना गया है।
यदि किसी कारणवश पश्चिम दिशा में यात्रा करनी पड़े, तो प्रस्थान से पहले मां लक्ष्मी का स्मरण करें और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
भद्रा का विशेष प्रभाव
आज प्रातः 7:23 बजे से सायं 6:44 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। वैदिक मान्यता के अनुसार इस दौरान गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना या अन्य बड़े मांगलिक कार्य करने से बचना उचित माना जाता है।
सावन शुक्रवार का धार्मिक महत्व
सावन मास का शुक्रवार मां लक्ष्मी, मां संतोषी और शिव-पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और सात्विक जीवनशैली अपनाने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इस दिन तामसिक भोजन, मद्यपान और मांसाहार से परहेज करने की भी मान्यता है।