नई दिल्ली: नए जूते, सैंडल, चप्पल या जूती पहनने के बाद पैरों में कट, छाला या रगड़ लगना एक आम समस्या है। कई बार फुटवियर के लगातार घर्षण से त्वचा छिल जाती है, जिससे दर्द, जलन और चलने में परेशानी होने लगती है। यदि घाव छोटा और सतही है तो कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर राहत पाई जा सकती है। हालांकि, यदि चोट गहरी हो या संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो किसी भी घरेलू उपाय की बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
सबसे पहले घाव को अच्छी तरह साफ करें
अगर फुटवियर की वजह से पैर में कट या छिलन हो गई है, तो सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साफ पानी से धो लें। इसके बाद आसपास की त्वचा को हल्के साबुन से साफ करें। इससे धूल, गंदगी और बैक्टीरिया हटाने में मदद मिलती है और संक्रमण का खतरा कम हो सकता है।
जलन और सूजन में ठंडी सिकाई से मिल सकती है राहत
यदि कट लगने के बाद दर्द, जलन या सूजन महसूस हो रही है तो साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर 5 से 10 मिनट तक प्रभावित स्थान पर रखें। ध्यान रखें कि बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं। ठंडी सिकाई से सूजन और दर्द कम करने में मदद मिल सकती है।
एलोवेरा जेल से मिल सकती है ठंडक
प्रभावित जगह पर ताजा एलोवेरा जेल लगाया जा सकता है। इसके शीतल गुण त्वचा को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। साफ घाव के आसपास हल्के हाथ से एलोवेरा लगाने से जलन कम महसूस हो सकती है।
हल्की छिलन में नारियल तेल भी हो सकता है उपयोगी
यदि त्वचा केवल रगड़ की वजह से छिली है और घाव गहरा नहीं है, तो थोड़ी मात्रा में नारियल तेल लगाया जा सकता है। इससे त्वचा को नमी मिलती है और सूखापन कम करने में मदद मिल सकती है।
घाव को ढककर रखना भी जरूरी
अगर कट ऐसी जगह है जहां जूते या सैंडल की रगड़ दोबारा लग सकती है, तो उस पर साफ बैंडेज लगा लें। इससे घाव सुरक्षित रहता है और भरने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। संक्रमण से बचाव के लिए बैंडेज को नियमित रूप से बदलते रहें।
किन परिस्थितियों में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
यदि घाव गहरा हो, आसपास की त्वचा में अत्यधिक लालपन, सूजन या पस दिखाई दे, या दर्द लगातार बढ़ता जाए, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। इसके अलावा, यदि व्यक्ति को डायबिटीज है, रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या घाव 2-3 दिन में ठीक होने की बजाय बिगड़ने लगे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।