Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: सिक्किम का ये गांव अब रहने लायक नहीं! 32 घर तबाह, 107 लोग राहत शिविर में; उजड़ने से पहले जानिए पीड़ितों को क्या मिलेगा
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > सिक्किम का ये गांव अब रहने लायक नहीं! 32 घर तबाह, 107 लोग राहत शिविर में; उजड़ने से पहले जानिए पीड़ितों को क्या मिलेगा
Latest Newsअन्य

सिक्किम का ये गांव अब रहने लायक नहीं! 32 घर तबाह, 107 लोग राहत शिविर में; उजड़ने से पहले जानिए पीड़ितों को क्या मिलेगा

vineet verma
Last updated: September 28, 2026 3:07 pm
vineet verma
Share
SHARE

पश्चिम सिक्किम: लगातार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने रिम्बी गांव के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। गांव में अब तक कम से कम 32 घरों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि चार सरकारी क्वार्टर भी इसकी चपेट में आए हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार रिम्बी को ‘रहने लायक नहीं’ यानी अनहैबिटेबल घोषित करने पर विचार कर रही है। ऐसा हुआ तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह पर ले जाकर बसाया जा सकता है।

Contents
13 अगस्त से लगातार बिगड़ते गए हालात32 घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर भी प्रभावितप्रशासन को गांव के रहने लायक न रहने की आशंकामानसून के बाद होगा भूगर्भीय सर्वेजमीन गई तो घर और जमीन देने की योजनासिंगलीटम से आ रहा मलबा बढ़ा रहा खतरामुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्टअब भूगर्भीय सर्वे से तय होगा गांव का भविष्य

प्रशासन की फिलहाल प्राथमिकता उन इलाकों से लोगों को निकालना है, जहां जमीन लगातार खिसक रही है और आने वाले दिनों में खतरा बढ़ने की आशंका है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। रिम्बी के ग्राम प्रशासन केंद्र में बनाए गए राहत शिविर में फिलहाल 107 लोग रह रहे हैं। सिंगलीटम इलाके के नौ घरों को भी खाली कराया गया है और वहां रहने वाले लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है।

13 अगस्त से लगातार बिगड़ते गए हालात

रिम्बी में संकट अचानक एक दिन में पैदा नहीं हुआ। इसकी शुरुआत 13 अगस्त से हुई, जब भूस्खलन की वजह से दो घर प्रभावित हुए। अगले ही दिन तेज बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए। इसके बाद कई जगह जमीन खिसकने लगी और करीब 30 अन्य घर भी इसकी चपेट में आ गए।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से मिट्टी, पत्थर और पेड़ों का मलबा नीचे की ओर आने लगा। इस मलबे ने घरों और रास्तों के लिए खतरा बढ़ा दिया। बारिश और मलबे के लगातार दबाव से गांव के उन हिस्सों पर भी असर पड़ने लगा, जिन्हें पहले अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था।

32 घरों के साथ चार सरकारी क्वार्टर भी प्रभावित

रिम्बी में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से कम से कम 32 घरों को भारी नुकसान हुआ है। इनमें कई घर छोटे, लकड़ी के या आधे-पक्के थे, जो भारी मलबे और पानी की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गए।

कई परिवारों ने सिर्फ अपना घर ही नहीं खोया, बल्कि घर के अंदर रखा सामान भी बर्बाद हो गया। जिन लोगों ने वर्षों की मेहनत से अपना आशियाना बनाया था, उनके सामने अब सुरक्षित जगह पर नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की चुनौती है।

प्रशासन को गांव के रहने लायक न रहने की आशंका

सिक्किम के आपदा राहत आयुक्त रिंजिंग छेवांग ने 25 सितंबर को रिम्बी के प्रभावित इलाके का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि सिंगलीटम की तरफ से बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण रिम्बी के रहने लायक न रहने की आशंका है।

अगर प्रशासन गांव को अनहैबिटेबल घोषित करता है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थायी रूप से बसाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, इस फैसले से पहले इलाके की जमीन और भूस्खलन की वजहों की विस्तृत जांच कराई जाएगी।

मानसून के बाद होगा भूगर्भीय सर्वे

प्रशासन के मुताबिक मानसून खत्म होने के बाद विशेषज्ञों की टीम इलाके का भूगर्भीय सर्वे करेगी। इसमें यह पता लगाने की कोशिश होगी कि जमीन बार-बार क्यों खिसक रही है और भविष्य में यहां रहना सुरक्षित है या नहीं।

यानी गांव को लेकर फैसला केवल मौजूदा नुकसान के आधार पर नहीं होगा। विशेषज्ञ यह भी देखेंगे कि आने वाले समय में जमीन की स्थिति कैसी रह सकती है और क्या यहां लोगों का रहना सुरक्षित होगा।

जमीन गई तो घर और जमीन देने की योजना

भूस्खलन में पूरी तरह तबाह हुए घरों के परिवारों को सरकार की ओर से 1.3 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। अन्य प्रकार के नुकसान के लिए भी तय सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

हालांकि, जिन परिवारों की जमीन ही सुरक्षित नहीं बची है, उनके लिए केवल मुआवजा पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे परिवारों के लिए सिक्किम हाउसिंग स्कीम के तहत जमीन और घर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

वहीं, जिन परिवारों की जमीन सुरक्षित है लेकिन घर क्षतिग्रस्त हुआ है, उन्हें उसी जमीन पर नया घर बनाने में सहायता दी जाएगी। यानी अगर किसी परिवार को असुरक्षित इलाके से हटाना पड़ा तो उसके सामने सिर्फ घर छोड़ने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि नए स्थान पर दोबारा जीवन शुरू करने का सवाल भी होगा।

सिंगलीटम से आ रहा मलबा बढ़ा रहा खतरा

रिम्बी और आसपास के इलाकों में सबसे बड़ी चिंता पहाड़ी ढलानों के लगातार कमजोर होने की है। सिंगलीटम की तरफ से मिट्टी और मलबा नीचे की ओर खिसक रहा है, जिसका असर निचले इलाकों में पड़ रहा है।

मित खौला के पास बने कुछ घर भी अब प्रभावित होने लगे हैं। इस इलाके को पहले सुरक्षित माना जाता था, लेकिन बाढ़ का पानी अपने साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा लेकर पहुंच रहा है।

बारिश जारी रहने से लोगों की चिंता भी बढ़ी हुई है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि अगर फिर से बहुत तेज बारिश हुई तो पहले से कमजोर हो चुकी जमीन और ज्यादा खिसक सकती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किया अलर्ट

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखने और खतरा बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है।

अब भूगर्भीय सर्वे से तय होगा गांव का भविष्य

फिलहाल रिम्बी के लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका घर और जमीन आगे कितनी सुरक्षित रहेगी। मानसून के बाद होने वाला भूगर्भीय सर्वे इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाएगा। इसी के आधार पर यह तय होगा कि लोग अपने गांव लौट सकते हैं या उन्हें किसी दूसरी जगह बसाना पड़ेगा।

रिम्बी के सामने अब सवाल सिर्फ अगली बारिश की तीव्रता का नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि लगातार खिसक रही जमीन आने वाले समय में इंसानों के रहने के लिहाज से सुरक्षित बचेगी या नहीं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Rimbi Village Landslide, Rimbi Village Sikkim, Sikkim Disaster, Sikkim Housing Scheme, Sikkim Landslide, Sikkim News, West Sikkim News, अनहैबिटेबल गांव, भूस्खलन प्रभावित परिवार, रिम्बी लैंडस्लाइड, सिक्किम फ्लैश फ्लड, सिक्किम बारिश, सिक्किम भूस्खलन, सिक्किम राहत शिविर, सिक्किम रिम्बी गांव
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कर्मचारियों को फिर मिलेगी OPS, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने का मौका; चुनाव से पहले अखिलेश यादव के बड़े ऐलान
Next Article भूटान क्यों बढ़ा रहा बौद्ध कूटनीति का दायरा? गेलेफू से मंदिरों तक बदलती रणनीति के पीछे क्या है बड़ा मकसद

फीचर

View More

यूपी 2027: 86 आरक्षित सीटों पर क्यों टिकी सबकी नजर? 2024 के नतीजों ने बदला दलित वोट का सियासी गणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में दलित वोट फिर केंद्र में है। 403 विधानसभा सीटों में 86 सीटें SC-ST के…

By news desk 7 Min Read

लखनऊ के KGMU से जुड़े अध्ययन में मां के दूध के 100 सैंपल में मिले जहरीले रसायन, भारी धातुओं ने बढ़ाई चिंता

लखनऊ। नवजात शिशुओं के लिए अमृत माना जाने वाला मां का दूध…

3 Min Read

26 सितंबर की रात आसमान में दिखेगा खास चांद, जानिए Harvest Moon क्यों कहलाता है फसल का चांद

नई दिल्ली: सितंबर की पूर्णिमा को खास माना जाता है और इसे…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsक्राइम

पति के प्राइवेट पार्ट पर पत्नी ने क्यों डाल दिया तेजाब? दो साल पहले हुई थी लव मैरिज, ससुराल पहुंचते ही बिगड़ी बात

आजमगढ़: जिले में शनिवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां ससुराल पहुंचे युवक के प्राइवेट पार्ट पर उसकी पत्नी…

5 Min Read
Trending Newsअन्यबाजार

UPI पेमेंट पर नए चार्ज पर रोक की मांग खारिज: सुप्रीम कोर्ट के नोटिस से गरमाया डिजिटल ट्रांजैक्शन का मुद्दा!

क्या अब रोजमर्रा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करना महंगा होने वाला है? सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2,000 रुपये से अधिक…

4 Min Read
Latest Newsसेहत

डिनर के बाद रोज चबाएं हरी इलायची का सिर्फ 1 दाना? मुंह की ताजगी से लेकर पाचन तक, मिल सकते हैं ये 5 फायदे

रात का खाना खाने के बाद अक्सर कुछ मीठा खाने की इच्छा होती है. ऐसे में मिठाई या मीठी चीजों…

3 Min Read
EntertainmentLatest News

पोस्टर में हीरो के हाथ में सिगरेट, थिएटर में एंटी-स्मोकिंग विज्ञापन! संजय गुप्ता ने मेकर्स से पूछा- आखिर ये कैसी क्रिएटिविटी?

मुंबई: बॉलीवुड फिल्मों के पोस्टर्स में हीरो को सिगरेट के साथ दिखाने की पुरानी शैली पर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?