49 लाख के लिए बेटा बना 'मा'
हर शहर की अपनी कहानियाँ होती हैं. कुछ कहानियाँ उम्मीद देती हैं, और कुछ इतनी अजीबोगरीब होती हैं कि सच्चाई पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है. ठीक ऐसी ही कहानी इटली के खूबसूरत शहर मंटुआ की तंग गलियों में देखने को मिली जो न केवल सनसनीखेज है, बल्कि लालच की दलदल में डूबी एक ऐसी कहानी है, जो सीधे ज़मीर को कंपा दे. ये कहानी है एक बेटे की, जिसने अपनी माँ की मौत को तीन साल तक छिपाए रखा सिर्फ इसलिए, ताकि वो हर महीने उसकी पेंशन का फायदा उठा सके.
समय ने जब लिया खौफनाक मोड़
मंटुआ का वो 56 वर्षीय शख्स, जिसे दुनिया एक सिंपल बेटे के तौर पर जानती थी. उसने अपनी 82 वर्षीय माँ के मौत के बाद जो किया, वो कल्पना से परे था. दुःख मनाने के बजाय, उसने माँ के पार्थिव शरीर को घर के लॉन्ड्री रूम के एक कोने में पैक कर दिया. चादरों और स्लीपिंग बैग में लिपटा हुआ शरीर, जिसे समय ने ममी में बदल दिया था. दरअसल, इस शख़्स ने ये सब सिर्फ अपनी मृत मां की पेंशन हड़पने के लिए किया था. उसका एक ही लक्ष्य था, किसी भी तरह अपनी मां की लगभग 49 लाख रुपये (47,000 पाउंड) की पेंशन हर महीने प्राप्त करना.
पर्दे के पीछे का ‘डबल रोल’
हर महीने की शुरुआत में, ये आदमी अपने बेडरूम से नहीं, बल्कि माँ के भेष में निकलता था. वो लंबी स्कर्ट पहनता, चेहरे पर भारी मेकअप लगाता,फाउंडेशन, लिपस्टिक, माँ की पुरानी बालियाँ और हार पहनता. वो खुद को एक बुजुर्ग महिला के रूप में इस तरह ढालता, जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए. उसका ये हुनर, जिसे स्थानीय मीडिया ने हॉलीवुड फिल्म के नाम पर ‘Real-life Mrs. Doubtfire transformation’ कहा, तीन सालों तक बिना किसी रुकावट के चलता रहा. वो बड़ी चालाकी से सरकारी दफ्तर जाता, दस्तक देता, और लाखों रुपये की सरकारी रकम चुपचाप अपनी जेब में भर लेता.
जहाँ सस्पेंस ने दस्तक दी
लेकिन झूठ, चाहे कितना भी परफेक्ट हो, हमेशा एक गलती छोड़ जाता है. ये खेल तब खत्म हुआ जब बेटे को माँ बनकर नया पहचान पत्र बनवाने सरकारी दफ्तर जाना पड़ा. काउंटर पर बैठे एक सरकारी कर्मचारी की नज़र उस ‘बुजुर्ग महिला’ पर टिक गई. पहली नज़र में सब सामान्य था, लेकिन उसे कुछ छोटी-छोटी बातें खटकने लगी थीं, जैसे इतनी भारी और ‘मर्दाना’ आवाज़ एक 85 साल की महिला की नहीं हो सकती. गर्दन ज़रूरत से ज़्यादा मोटी थी. हाथ की चेहरे की त्वचा उतनी रूखी या झुर्रीदार नहीं थी, जितनी एक वृद्ध महिला की होनी चाहिए.
कर्मचारी ने तुरंत अपनी शंका पुलिस और मेयर को बताई. अधिकारियों ने माँ की पुरानी तस्वीरों से इस भेष बदले हुए व्यक्ति का मिलान किया, और जैसे ही सच सामने आया, पूरे शहर में सनसनी फैल गया.
लॉन्ड्री रूम का पर्दाफाश
पुलिस ने तुरंत बेटे के घर पर छापा मारा. घर की तलाशी के दौरान, जब पुलिस लॉन्ड्री रूम पहुँचे, तो तीन साल से छिपा रहस्य सामने आ गया. चादरों और स्लीपिंग बैग के नीचे, माँ का सूखा हुआ, ममीफाई किया हुआ शव मिला.
लालच के इस भयानक अंत ने बेटे को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया. उस पर अब शव छिपाने, सरकारी धन की धोखाधड़ी, और पहचान फर्जी बनाने के गंभीर आरोप हैं. ये घटना न केवल कानूनी, बल्कि नैतिक पतन का भी एक भयावह मिसाल है, जहाँ एक बेटे ने मात्र कुछ रुपयों के लिए अपनी माँ के पार्थिव शरीर को घर के एक कोने में कैद कर दिया और इतना बड़ा खेल खेला.
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