टाइम्स स्क्वायर जो कभी अपनी चमचमाती लाइट्स और दुनिया भर के पर्यटकों की चहल-पहल के लिए जाना जाता था, वहां इस गुरुवार की दोपहर जश्न का माहौल अचानक चीख-पुकार और दहशत में बदल गया।
न्यूयॉर्क निक्स की ऐतिहासिक NBA चैंपियनशिप जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतरी हजारों की भीड़ उस वक्त जान बचाने के लिए भागने लगी, जब एक के बाद एक कई राउंड गोलियां चलीं।
हैरानी की बात यह है कि यह वारदात एक खड़ी पुलिस वैन से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर हुई, वो भी तब जब सुरक्षा के लिए शहर में करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात थे।
जश्न के बीच गूंजी गोलियां: जब थम गईं पर्यटकों की सांसें
स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:40 बजे लोअर मैनहट्टन और टाइम्स स्क्वायर का इलाका खचाखच भरा हुआ था। लोग अपने पसंदीदा बास्केटबॉल चैंपियंस की जीत की खुशी में झूम रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक कड़कड़ाती गोलियों की आवाज ने पूरे माहौल को सुन्न कर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इंसानी डर का वो खौफनाक मंजर साफ देखा जा सकता है-गोली चलते ही लोग अपने हाथ में मौजूद झंडे और जश्न का सामान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ भागने लगे। पर्यटकों और स्थानीय लोगों में इस कदर अफरा-तफरी मची कि कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते-पड़ते नजर आए।
न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने मुस्तैदी दिखाते हुए संदिग्ध हमलावर को मौके से ही हिरासत में ले लिया है। वहीं फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, गोलीबारी में घायल एक व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जिसकी स्थिति के बारे में अभी और विवरण आना बाकी है।
चंद दिनों में दूसरी बार दहला न्यूयॉर्क: क्या असुरक्षित हो रहे हैं सार्वजनिक स्थान?
यह घटना न्यूयॉर्क प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि महज कुछ दिन पहले यानी 16 जून को भी ठीक इसी तरह टाइम्स स्क्वायर को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहलाया गया था।
53 साल के लंबे इंतजार के बाद निक्स की इस जीत ने जहां शहर को गर्व का पल दिया था, वहीं कुछ ही घंटों में उस खुशी को अराजकता में बदल दिया गया।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने जश्न मनाने बाहर निकले आम लोगों के मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या अब अमेरिकी शहरों में सामूहिक खुशियां मनाना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है?
जीत की वो खुशी, जो खौफ में बदल गई
एक इंसान के तौर पर सोचिए-आप सालों के इंतजार के बाद अपनी पसंदीदा टीम की जीत का जश्न मनाने, हंसने और अजनबियों के साथ खुशियां बांटने सड़क पर उतरते हैं। लेकिन अगले ही पल, आपको अपनी जिंदगी बचाने के लिए किसी अंधी गली या दुकान के शटर के पीछे छिपना पड़ता है।
तस्वीरें और वीडियो सिर्फ घटना बयां करते हैं, लेकिन वो डर बयां नहीं कर सकते जो उस वक्त वहां मौजूद हर एक बच्चे, बुजुर्ग और परिवार ने महसूस किया होगा।
पुलिस की भारी मौजूदगी के बावजूद सरेआम हुई इस फायरिंग ने लोगों के भरोसे को हिलाकर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बार प्रशासन केवल संदिग्ध को पकड़ने तक सीमित रहता है या न्यूयॉर्क की सड़कों को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।