Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: कुंवारी लड़कियों की भरमार, फिर भी नहीं मिल रहे दूल्हे-आखिर वजह क्या है?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > कुंवारी लड़कियों की भरमार, फिर भी नहीं मिल रहे दूल्हे-आखिर वजह क्या है?
Trending Newsअन्य

कुंवारी लड़कियों की भरमार, फिर भी नहीं मिल रहे दूल्हे-आखिर वजह क्या है?

news desk
Last updated: April 20, 2026 4:49 pm
news desk
Share
SHARE

ब्राजील की पहाड़ियों के बीच बसा यह खूबसूरत कस्बा अपनी एक अनोखी विशेषता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां की आबादी में महिलाओं का दबदबा है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां 20 से 35 साल की करीब 600 युवतियां ऐसी हैं, जिन्हें अपनी पसंद का वर नहीं मिल पा रहा।

Contents
आखिर क्यों कुंवारी हैं यहां की लड़कियां?‘घर जमाई’ बनने की शर्तमहिलाओं का अपना शासनइतिहास की वो ‘विद्रोही’ शुरुआतक्या कोई बन पाएगा यहां का दूल्हा?

आखिर क्यों कुंवारी हैं यहां की लड़कियां?

इस ‘अजीब’ समस्या के पीछे कोई अभिशाप नहीं, बल्कि इस गांव के कुछ कड़े नियम और परंपराएं हैं:

रिश्तेदारों का जमावड़ा: गांव में जो गिने-चुने पुरुष हैं, वे या तो पहले से शादीशुदा हैं या फिर इन लड़कियों के करीबी रिश्तेदार (भाई-भतीजे) लगते हैं। ऐसे में गांव के भीतर मैच मिलना नामुमकिन है।

‘घर जमाई’ बनने की शर्त

यहां की लड़कियां शादी के बाद अपना घर छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहतीं। उनकी शर्त बड़ी साफ है— “शादी करनी है तो दूल्हे को हमारे गांव आकर रहना होगा।”

महिलाओं का अपना शासन

इस कस्बे की महिलाएं बाहरी दुनिया के पितृसत्तात्मक नियमों को नहीं मानतीं। वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं और चाहती हैं कि आने वाला पुरुष भी उनके बनाए नियमों का पालन करे।

इतिहास की वो ‘विद्रोही’ शुरुआत

इस गांव की नींव ही विद्रोह पर रखी गई थी। 1891 में मारिया सेनहोरिना डी लीमा नाम की महिला को उनके परिवार और चर्च से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी की जिंदगी चुनी थी। इसके बाद उन्होंने इस समुदाय की स्थापना की।

1995 में यहां की महिलाओं ने सामूहिक रूप से तय किया कि वे पुरुषों द्वारा थोपे गए नियमों को पूरी तरह नकार देंगी। तब से यह गांव पूरी तरह से महिलाओं द्वारा ही संचालित होता है खेती-बाड़ी से लेकर प्रशासन तक।

क्या कोई बन पाएगा यहां का दूल्हा?

नोइवा दो कोरडेएरो की लड़कियां दिखने में बेहद खूबसूरत और स्वावलंबी हैं। वे प्यार और शादी तो करना चाहती हैं, लेकिन अपनी आजादी की कीमत पर नहीं। उनका मानना है कि महिलाएं पुरुषों से बेहतर प्रबंधन कर सकती हैं और उनका गांव इस बात का जीता-जागता सबूत है कि बिना पुरुषों के हस्तक्षेप के भी एक समाज खुशहाल रह सकता है।

इस गांव में शादीशुदा पुरुष और वयस्क बेटे भी रहते हैं, लेकिन उन्हें हफ्ते के दौरान गांव से बाहर काम करना पड़ता है। उन्हें सिर्फ वीकेंड पर ही गांव में आने की अनुमति दी जाती है।

क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो इस खूबसूरत गांव का ‘घर जमाई’ बनने के लिए तैयार हो? शर्त बस इतनी है कि हुक्म सिर्फ महिलाओं का चलेगा!

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Brazil Women Village, Noiva do Cordeiro, Offbeat News Hindi., Village of Single Women, Women Rule Village, कुंवारी लड़कियों का गांव, घर जमाई नियम, नोइवा दो कोरडेएरो, ब्राजील का अनोखा गांव, ब्राजील न्यूज, महिला प्रधान समाज, रोचक खबरें, शादी की अनोखी शर्तें
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article जैस्मीन सैंडलस का छलका दर्द कहा ग्लैमर के पीछे का सच: पिता की मौत के बाद टूटीं सिंगर Jasmine Sandlas, 23 की उम्र में शराब की लत का खुलासा !
Next Article Strait of Hormuz में तनाव : भारतीय नौसेना ने संभाली कमान, ‘देश गरिमा’ की वतन वापसी जल्द

फीचर

View More
Indian Railways की पहली ट्रेन 1853 में Bori Bunder से Thane तक

एक ट्रेन, 34 किलोमीटर… और 173 साल की कहानी: कैसे रेल पटरियों ने भारत को जोड़ा

नई दिल्ली/मुंबई, 17 अप्रैल 2026 — कभी आपने ट्रेन की खिड़की से बाहर देखते हुए सोचा है कि ये सफर…

By Gopal Singh 3 Min Read

आंबेडकर जयंती पर विशेष: वोट बैंक नहीं, ये विरासत की जंग है!

भारतीय राजनीति में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम एक शिखर…

6 Min Read

जलियांवाला बाग की 107वीं बरसी: वो कुआं आज भी गवाही देता है, वो दीवारें आज भी सिसकती हैं

अमृतसर। आज से ठीक 107 साल पहले, बैसाखी की वह सुनहरी सुबह…

3 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

'सुपर' गेमिंग फीचर्स उड़ाएंगे होश
Trending Newsबाजार

OnePlus का मेगा लॉन्च! 7 मई को आ रहे हैं Nord CE 6 और CE 6 Lite; 8000mAh बैटरी और ‘सुपर’ गेमिंग फीचर्स उड़ाएंगे होश

टेक वर्ल्ड में OnePlus एक बार फिर बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है। मिड-रेंज मार्केट पर कब्जा करने के…

3 Min Read
Trending Newsक्राइम

पत्नी को लेने ससुराल गया पति, अगले दिन सड़क किनारे मिला शव—प्यार में अंधी पत्नी ही निकली मास्टरमाइंड

कर्नाटक के मैसूर में रिश्तों को तार- तार करने वाला मामला सामने आया है। प्रेमी के साथ मिलकर यहां एक…

3 Min Read
Latest Newsअन्यक्राइम

नई नवेली दुल्हन के जांघ पर पहले रखा हाथ और फिर पूछा हनीमून पर क्या किया? टीसीएस बीपीओ में सेक्सुअल हैरसमेंट का हैरान कर देंगे ये मामला

महाराष्ट्र के नासिक में एक BPO से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर…

2 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

भूकंप के बाद ‘सुनामी अलर्ट’ से दहला जापान, आपदा से निपटने की तैयारी ने दिखाई मजबूती

जापान में आए तेज भूकंप के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि दुनिया के सबसे…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?