फीचर

जहरीले कोबरा से बनती है दुनिया की सबसे अजीबोगरीब शराब! लोग ‘पेग’ नहीं… ‘दवा’ समझकर पीते हैं इसे

दुनिया में अजीबोगरीब शौकीनों की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्या आप कभी ऐसी शराब पीने की हिम्मत करेंगे जिसके अंदर एक जीता-जागता जहरीला कोबरा सांप हो, दुनिया में एक ऐसी भी शराब मौजूद है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन कुछ देशों में लोग इसे किसी आम ड्रिंक की तरह नहीं, बल्कि एक जादुई ‘हेल्थ टॉनिक’ समझकर गटक जाते हैं।

इस अजीबोगरीब और खतरनाक ड्रिंक को कहा जाता है स्नेक वाइन “Snake Wine”। आएये समझते है, ये कैसे बनती है और जहरीला सांप होने के बावजूद लोग इसे पीकर बीमार क्यों नहीं पड़ते?

कांच की बोतल में बंद ‘मौत’ का सामान!


स्नेक वाइन मुख्य रूप से वियतनाम, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में बेहद पसंद किया जाता है। इसे बनाने का तरीका जितना अनोखा है, उतना ही डरावना भी। इसे सबसे पहले एक बड़ी कांच की बोतल में एक बड़े और बेहद जहरीले कोबरा या अन्य सांप को डाला जाता है। इसके बाद पूरी बोतल को राइस वाइन “चावल की शराब” या स्ट्रोंग अल्कोहल से भर दिया जाता है।

फ्लेवर और मेडिसिनल प्रॉपर्टीज को बढ़ाने के लिए इसमें कुछ ट्रेडिशनल जड़ी-बूटियां और जिनसेंग भी मिलाया जाता है। इस बोतल को कई महीनों के लिए सील बंद करके रख दिया जाता है, ताकि सांप का पूरा अर्क शराब में घुल जाए।

लेकिन पीने वाले मरते क्यों नहीं?


सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि किंग कोबरा का जहर तो मिनटों में इंसान की जान ले सकता है, फिर इस वाइन को पीने वाले जिंदा कैसे बच जाते हैं?
इसके पीछे एक सीधा सा वैज्ञानिक कारण है। सांप का जहर दरअसल एक तरह का प्रोटीन होता है। जब सांप को महीनों तक तेज अल्कोहल में डुबाकर रखा जाता है, तो वाइन में मौजूद एथेनॉल “Ethanol” उस जहर के प्रोटीन को पूरी तरह से तोड़ देता है। इस प्रक्रिया को साइंस की भाषा में ‘डीनेचर’ होना कहते हैं। इसके बाद जहर का असर पूरी तरह खत्म हो जाता है और यह वाइन पीने के लिए सुरक्षित हो जाती है।

कभी-कभी हो जाता है खेल


इस वाइन से जुड़े कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहाँ अल्कोहल के अंदर सांप ‘हाइबरनेशन’ में चला गया और महीनों बाद भी जिंदा रहा। जब लोगों ने बोतल खोली, तो सांप ने उन्हें डस लिया। इसलिए इसे बनाना और रखना बेहद जोखिम भरा काम है।

लोग इसे ‘पार्टी ड्रिंक’ नहीं, ‘दवा’ मानते हैं


वियतनाम और चीन की ट्रेडिशनल मेडिसिन मेथड में स्नेक वाइन को कोई नशा करने की चीज़ नहीं, बल्कि एक ‘दिव्य औषधि’ माना गया है। लोग इसके शॉट कम मात्रा में लेते हैं क्योंकि उनका मानना है कि गठिया और बदन दर्द में आराम जोड़ों के दर्द और पीठ दर्द से राहत पाने के लिए लोग इसे पीते हैं। एनर्जी बूस्टर यह शरीर की थकान मिटाकर स्टैमिना को तुरंत बढ़ा देती है। बालों और त्वचा के लिए वहां के लोगों का मानना है कि इससे बाल झड़ने बंद होते हैं और चेहरे पर ग्लो आता है।

हालांकि, वाइल्डलाइफ क्राइम्स और सांपों के अवैध शिकार के चलते अब कई देशों में इस पर कड़े प्रतिबंध भी लगाए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद, ब्लैक मार्केट और पर्यटकों के बीच इस ‘खतरनाक ड्रिंक’ का क्रेज आज भी बरकरार है। तो, क्या आप कभी इस स्नेक वाइन का एक घूंट आजमाना चाहेंगे?

news desk

Recent Posts

बंगाल उपचुनाव में ममता का बड़ा दांव, नंदीग्राम से संचिता प्रधान तो रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को टिकट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों…

5 hours ago

AI की अंधी दौड़ पर Anthropic CEO की बड़ी चेतावनी, बोले- रफ्तार कम नहीं हुई तो बढ़ सकता है गंभीर खतरा

न्यूयॉर्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी…

5 hours ago

राहुल गांधी का तंज: ‘80% भारतीय नॉन-वेजिटेरियन, फिर ब्रिक्स डिनर में सिर्फ शाकाहारी खाना क्यों?’-जानिए पूरा विवाद

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS 2026) शिखर सम्मेलन के भव्य गाला डिनर…

12 hours ago

भारत-अफगानिस्तान पहला T20: बदला टॉस और मैच का समय, जानिए अब कितने बजे शुरू होगा मुकाबला और कहां देखें Live

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की T20 सीरीज का आगाज आज…

12 hours ago

अब नवाबी नगरी में होगा महिला क्रिकेट का धूमधड़ाका, सीएएल कराएगा 23 से 28 सितम्बर तक लखनऊ वुमन्स क्रिकेट लीग

लखनऊ। लखनऊ की महिला क्रिकेटरों को उनकी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलने जा…

13 hours ago