न्यूयॉर्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई ने एआई के विकास की मौजूदा रफ्तार को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि एआई मॉडल की क्षमताएं जिस तेजी से बढ़ रही हैं, उसके मुकाबले सुरक्षा उपायों को विकसित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना जरूरी है।
डारियो अमोदेई ने एआई कंपनियों से मॉडल की क्षमताओं को बढ़ाने की गति कुछ कम करने की अपील की है। उनका कहना है कि एआई का विकास पूरी तरह रोकना समाधान नहीं है, लेकिन सुरक्षा जांच और जरूरी उपायों के लिए पर्याप्त समय देना बेहद अहम है।
अमोदेई के मुताबिक, विकास की गति थोड़ी कम होने के बावजूद एआई तकनीक तेजी से आगे बढ़ती रहेगी। इससे कंपनियों और विशेषज्ञों को संभावित जोखिमों से निपटने के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने का अवसर मिलेगा।
एंथ्रोपिक प्रमुख ने एआई के गलत इस्तेमाल से पैदा होने वाले खतरों पर भी चिंता जताई। उन्होंने साइबर हमलों, जैव आतंकवाद और आर्थिक व्यवधान जैसी परिस्थितियों की आशंका जाहिर की है।
उनका मानना है कि जैसे-जैसे एआई सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जाएंगे, इनके दुरुपयोग की क्षमता भी बढ़ सकती है। ऐसे में तकनीकी प्रगति के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी होगा।
अमोदेई ने एआई के सकारात्मक प्रभावों की भी बात की। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में एआई की मदद से अधिकांश प्रमुख बीमारियों के इलाज में बड़ी प्रगति हो सकती है।
उनके अनुसार, एआई आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के साथ लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकता है। हालांकि, इन संभावनाओं के साथ इसके खतरनाक इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अमोदेई ने भविष्य के ऐसे एआई सिस्टम को लेकर चिंता जताई है जो इंसानी नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं। उन्होंने एआई के खुद को बेहतर बनाने की क्षमता को भी एक गंभीर चुनौती के तौर पर देखा है।
उनके मुताबिक, मौजूदा एआई मॉडल अब अगली पीढ़ी के मॉडल तैयार करने की प्रक्रिया में भी मदद करने लगे हैं। इससे एआई के विकास की गति पहले के मुकाबले काफी तेज हो सकती है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
अमोदेई ने एआई की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन चरणों वाली व्यवस्था की जरूरत बताई। पहले चरण में बाहरी सुरक्षा विशेषज्ञों को एआई कंपनियों की प्रशिक्षण प्रक्रिया की जांच करने का अवसर देने की बात कही गई है।
दूसरे चरण में लोकतांत्रिक देशों की एआई कंपनियों के बीच साझा सुरक्षा मानक और जांच व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया गया है। तीसरे चरण में अमेरिका और अन्य सरकारों के बीच एआई सुरक्षा को लेकर बेहतर समन्वय की जरूरत बताई गई है।
अमोदेई की चेतावनी का मुख्य संदेश यही है कि एआई तकनीक को आगे बढ़ाने के साथ उसकी सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता देनी होगी। उनका मानना है कि केवल सुरक्षा पर खर्च बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि एआई मॉडल के विकास की गति और सुरक्षा जांच के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी है।
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