नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अगले 48 घंटों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। ट्रंप का यह भी दावा है कि ईरान ने खुद बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान समझौते की राह अपनाता है तो यह उसके लिए समझदारी भरा फैसला होगा।
कैलिफोर्निया से लास वेगास रवाना होने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और अगले 48 घंटे इस पूरे घटनाक्रम के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर वार्ता की इच्छा जताई। उनके अनुसार, ईरान बातचीत करना चाहता है और समझौते की दिशा में आगे बढ़ना उसके हित में होगा।
हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि संपर्क किस स्तर पर हुआ, कब हुआ और संभावित समझौते की शर्तें क्या हो सकती हैं। वहीं, ईरान की ओर से उनके इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान और ओमान के साथ चल रही बातचीत के बीच होर्मुज जल मार्ग जल्द ही दोबारा पूरी तरह खुल सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौते तक नहीं पहुंचता है तो उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने कहा कि समझौता नहीं होने की स्थिति में भी होर्मुज जल मार्ग खुल जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच एक संभावित अंतरिम समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और होर्मुज जल मार्ग पर सामान्य आवाजाही बहाल करना बताया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले महीने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के विफल होने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। ऐसे में प्रस्तावित अंतरिम समझौते को दोनों देशों के बीच रिश्तों में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप इस समय दो दिवसीय वेस्ट कोस्ट दौरे पर हैं। इस दौरान वह लॉस एंजिलिस और लास वेगास में अपने आर्थिक एजेंडे, वर्किंग फैमिली टैक्स कट्स योजना के प्रचार और नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों के लिए चुनाव अभियान में हिस्सा ले रहे हैं।
ट्रंप के ताजा बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब अगले 48 घंटों पर दुनिया की नजर टिकी है कि क्या दोनों देशों के बीच कोई नई कूटनीतिक पहल सामने आती है या मौजूदा तनाव पहले की तरह बना रहता है।
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