नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से केंद्र सरकार को दिए गए अल्टीमेटम के कुछ घंटों बाद बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का फैसला किया है। हालांकि पश्चिम बंगाल में अब तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है, जिससे वहां की स्थिति पर सस्पेंस बना हुआ है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ घंटों बाद सरकार के प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठक हुई। उनके अनुसार बैठक के दौरान बिहार और असम सरकारों की अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की गईं, जिनमें एफआईआर वापस लेने, भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का आश्वासन दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार और अन्य भाजपा-एनडीए शासित राज्यों की ओर से भी तय समय सीमा के भीतर इसी प्रकार की अधिसूचनाएं जारी करने का भरोसा दोहराया गया है।
बिहार सरकार ने अपने बयान में कहा है कि 26 जुलाई शाम छह बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार के अनुसार, इस अवधि से पहले गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा और पहले से दर्ज मामलों में नामित व्यक्तियों के खिलाफ भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी।
25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान राज्यभर में 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से 339 नाबालिगों और छात्रों को सत्यापन के बाद रिहा किया जा चुका है।
असम सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। राज्य में पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और पांच मामले दर्ज किए गए थे।
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सिवान में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 के इस्तेमाल का मामला लगातार राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है।
आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पटना पहुंचकर गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई और सभी मुकदमे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हत्या की कोशिश जैसी गंभीर धाराएं लगाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस कार्रवाई को लेकर एनडीए के भीतर भी अलग-अलग मत सामने आए हैं।
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सिवान जैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस को वास्तविक छात्रों और असामाजिक तत्वों के बीच स्पष्ट अंतर करना चाहिए।
वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि बल का प्रयोग आत्मरक्षा में किया गया। एलजेपी (रामविलास) के प्रवक्ता विनीत सिंह ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सिवान घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हुए सरकार को प्रदर्शनकारियों की रिहाई के लिए समय सीमा दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
कांग्रेस ने भी सरकार पर अपने वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारियां करने की खबरें सामने आ रही हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी विरोध प्रदर्शनों के दौरान आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं हैं।
पश्चिम बंगाल में 24 जुलाई को कोलकाता में हुए विरोध मार्च के बाद पुलिस कार्रवाई जारी है। अब तक सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य सरकार ने फिलहाल मामले वापस लेने का कोई संकेत नहीं दिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लोगों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शन में शामिल वामपंथी छात्र संगठनों और सीजेपी ने हिंसा में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन को कुछ बाहरी तत्वों ने हिंसक बनाने की कोशिश की।
उधर, विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि विरोध मार्च में शामिल कई लोग छात्र नहीं थे और उनका नीट आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। राज्य भाजपा नेतृत्व ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों…
न्यूयॉर्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी…
नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स (BRICS 2026) शिखर सम्मेलन के भव्य गाला डिनर…
नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की T20 सीरीज का आगाज आज…
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के मंच से चीन…
लखनऊ। लखनऊ की महिला क्रिकेटरों को उनकी प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा मंच मिलने जा…