Trending News

Future of Cash: पानी में भी नहीं गलेंगे, न फटने का डर! कागज के नोट बंद कर ‘प्लास्टिक करेंसी’ लाने की तैयारी में RBI

मुंबई । आपकी और हमारी जेब में शान से रखे रहने वाले कागज के पारंपरिक नोट जल्द ही इतिहास का हिस्सा बन सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में तेजी से बढ़ती नकदी (Cash) की मांग और नोटों के फटने-गलने की समस्या से निपटने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक अब पारंपरिक कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट छापने की योजना पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहा है।

हाल ही में पटना और मुंबई में हुई आरबीआई की हाई-लेवल बोर्ड मीटिंग्स में इस बड़े बदलाव को लेकर गहन मंथन हुआ है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो भारतीय मुद्रा (Indian Currency) के इतिहास का यह अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी अपग्रेड होगा।

जेब में भूल गए या पानी में भीग गए; टेंशन पूरी तरह खत्म

अक्सर बरसात के मौसम में, कपड़ों की धुलाई के वक्त या पसीने के कारण कागज के नोट गल जाते हैं या फट जाते हैं, जिससे आम आदमी को भारी नुकसान होता है। लेकिन प्लास्टिक नोटों के आने के बाद यह सिरदर्द हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा:

  • 2.5 गुना ज्यादा लाइफ: बैंकिंग विशेषज्ञों और वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, पॉलीमर (प्लास्टिक) से बने नोट आम कागज के नोटों की तुलना में करीब ढाई गुना (250%) अधिक चलते हैं।
  • मौसम और गंदगी का बेअसर होना: इन नोटों पर पानी, नमी, पसीने या किसी भी तरह के लिक्विड का कोई असर नहीं होता। अगर इन पर कोई दाग या गंदगी लग भी जाए, तो इन्हें पानी से धोकर दोबारा चमकाया जा सकता है।
  • मजबूती में बेजोड़: ये नोट इतनी आसानी से नहीं फटते, जिससे इन्हें बार-बार रिप्लेस करने और नई छपाई करने पर होने वाला सरकार का अरबों रुपये का खर्च बच जाएगा।


जाली नोटों के ‘धंधे’ पर लगेगा ताला, नकल करना नामुमकिन

आरबीआई के इस कदम के पीछे सिर्फ टिकाऊपन ही वजह नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था भी जुड़ी है। प्लास्टिक नोटों की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) उनकी सुरक्षा विशेषताएं हैं।

एक्सपर्ट्स का दावा: पॉलीमर नोटों पर सुरक्षा की ऐसी अत्याधुनिक लेयर्स और वाटरमार्क डिज़ाइन्स विकसित किए जाते हैं, जिनकी हूबहू नकल करना या नकली (Counterfeit) नोट बनाना दुनिया के शातिर से शातिर जालसाजों के लिए भी लगभग नामुमकिन होता है। इससे मार्केट में जाली नोटों के सर्कुलेशन पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।

दुनिया के इन अमीर देशों में पहले से ही सुपरहिट है यह ‘प्लास्टिक’

भारत के लिए भले ही यह कॉन्सेप्ट नया हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर कई विकसित और विकासशील देश कागज की करेंसी को सालों पहले अलविदा कह चुके हैं।

  1. ऑस्ट्रेलिया (Australia): साल 1988 में पूरी तरह से प्लास्टिक नोट जारी करने वाला दुनिया का सबसे पहला देश।
  2. न्यूजीलैंड और कनाडा (New Zealand & Canada): इन देशों में भी पूरी करेंसी अब पॉलीमर आधारित ही चलती है।
  3. ब्रिटेन (UK): बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी अपने पाउंड नोटों को पूरी तरह प्लास्टिक में कनवर्ट कर दिया है।
  4. अन्य देश: वियतनाम, रोमानिया, मॉरीशस और मालदीव जैसे देश भी सफलतापूर्वक इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत में भी आरबीआई पूर्व में कुछ चुनिंदा शहरों में फील्ड ट्रायल की योजना बना चुका है, और अब हालिया बोर्ड बैठकों की सुगबुगाहट से साफ है कि वह दिन दूर नहीं जब भारतीयों के वॉलेट में भी चमचमाते वॉटरप्रूफ प्लास्टिक के नोट नजर आएंगे।

news desk

Recent Posts

WhatsApp में अब AI से होगी सीधी बात! Google-OpenAI समेत 5 एजेंट्स जोड़ने की तैयारी, बिना ऐप छोड़े होंगे कई काम

नई दिल्ली: WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर पर काम कर…

58 minutes ago

अब Gmail की लंबी-लंबी मेल पढ़ने की जरूरत नहीं! Google ने लॉन्च किए 3 धांसू Live AI फीचर्स, बोलते ही Gmail, Docs और Keep करेंगे काम

नई दिल्ली: Google ने Workspace यूजर्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े तीन नए Live…

3 hours ago

5G नेटवर्क पर TRAI की 80% वाली शर्त से क्यों परेशान Jio-Airtel-Vi? कंपनियों ने कहा- महंगा पड़ेगा फैसला, जानिए पूरा विवाद

नई दिल्ली: भारत में 5G नेटवर्क को लेकर टेलीकॉम कंपनियों और नियामक के बीच नया…

6 hours ago

7900mAh बैटरी और लेदर डिजाइन… ₹20,999 में POCO M8x 5G खरीदना कितना सही? फीचर्स दमदार, लेकिन ये कमी कर सकती है परेशान

नई दिल्ली: स्मार्टफोन बाजार में 20 हजार रुपये के आसपास की कीमत में अब कंपनियां…

6 hours ago