नई दिल्ली: WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर पर काम कर रहा है। इसके आने के बाद यूजर्स को अलग-अलग एआई सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए WhatsApp से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google, OpenAI और दूसरे थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स को सीधे WhatsApp से जोड़ा जा सकेगा और हर एजेंट के लिए अलग चैट विंडो उपलब्ध होगी।
यह फीचर फिलहाल शुरुआती चरण में बताया जा रहा है। कुछ Android बीटा यूजर्स के लिए इसकी टेस्टिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, WhatsApp ने अभी इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
WhatsApp फीचर ट्रैकर WABetaInfo के मुताबिक, ऐप की सेटिंग्स में एक नया ‘Agents’ सेक्शन जोड़ा जा सकता है। यहीं से यूजर्स अपने पसंदीदा और कंपैटिबल AI एजेंट को WhatsApp अकाउंट से कनेक्ट कर सकेंगे।
कनेक्शन के बाद संबंधित AI एजेंट WhatsApp में एक अलग पर्सनल चैट की तरह दिखाई दे सकता है। यानी यूजर को AI सेवा इस्तेमाल करने के लिए बार-बार किसी दूसरी ऐप या वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, AI एजेंट को WhatsApp से जोड़ने के लिए यूजर को एक API Key मिल सकती है। इस Key को संबंधित AI सेवा की वेबसाइट या ऐप में दर्ज करके WhatsApp अकाउंट से कनेक्शन पूरा किया जा सकेगा।
कनेक्ट होने के बाद यूजर उस AI एजेंट का नाम और प्रोफाइल फोटो भी अपनी पसंद के मुताबिक बदल सकेगा। इससे अलग-अलग एजेंट्स को पहचानना आसान रहेगा।
इस फीचर की एक खास सीमा भी बताई गई है। एक WhatsApp अकाउंट से अधिकतम पांच AI एजेंट्स जोड़े जा सकेंगे। यानी यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग सेवाओं को एक ही मैसेजिंग ऐप के अंदर इस्तेमाल कर सकेगा।
मसलन, कोई यूजर किसी एजेंट का इस्तेमाल जानकारी जुटाने के लिए और दूसरे का किसी खास काम में मदद लेने के लिए कर सकता है। हालांकि, वास्तविक सुविधाएं संबंधित AI एजेंट और WhatsApp के अंतिम फीचर सेट पर निर्भर करेंगी।
WhatsApp इस फीचर में प्राइवेसी को लेकर खास सुरक्षा रखने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, किसी AI एजेंट को कनेक्ट करने के बाद उसे यूजर की दूसरी निजी चैट्स, कॉन्टैक्ट्स या मीडिया फाइल्स का एक्सेस नहीं मिलेगा।
AI एजेंट्स को ग्रुप चैट या कम्युनिटी में जोड़ने की सुविधा भी नहीं होगी। इनका इस्तेमाल केवल पर्सनल चैट के जरिए किया जा सकेगा।
अगर यूजर किसी AI एजेंट को WhatsApp से हटाता है तो उसका कनेक्शन खत्म हो जाएगा। हालांकि, उस एजेंट के साथ पहले हुई बातचीत की चैट हिस्ट्री WhatsApp में बनी रह सकती है। यूजर चाहे तो इस पुरानी चैट को अपनी तरफ से डिलीट कर सकेगा।
फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग चरण में बताया जा रहा है। आने वाले महीनों में इसे दूसरे यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी WhatsApp की ओर से सामने आना बाकी है।
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