चाय कॉफी और दिमाग की सेहत
नई दिल्ली: क्या आपकी रोज़ की कॉफी या चाय सिर्फ नींद भगाने के काम आती है, या यह आपके दिमाग को भी लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है? हाल ही में आई एक बड़ी स्टडी ने इसी सवाल पर दिलचस्प संकेत दिए हैं। जामा जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से कैफीन वाली कॉफी या चाय पीते हैं, उनमें डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी का खतरा कुछ हद तक कम पाया गया है।
यह स्टडी करीब 1.31 लाख लोगों पर की गई, जिन्हें लगभग 43 साल तक फॉलो किया गया। इस दौरान करीब 11 हजार लोगों में डिमेंशिया के मामले सामने आए। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग ज्यादा कैफीन वाली कॉफी पीते थे, उनमें डिमेंशिया का खतरा लगभग 18% कम था, जबकि कैफीन वाली चाय पीने वालों में भी करीब 14–15% तक कम जोखिम देखा गया। सबसे अच्छे नतीजे उन लोगों में मिले जो रोज़ 2–3 कप कॉफी या 1–2 कप चाय पीते थे। वहीं बिना कैफीन वाली कॉफी से ऐसा कोई खास फायदा नहीं दिखा।
वैज्ञानिकों का मानना है कि कैफीन दिमाग में सूजन कम करने, न्यूरॉन्स की सुरक्षा करने और ब्लड फ्लो बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि यह स्टडी सिर्फ एक संबंध दिखाती है, यह साबित नहीं करती कि सिर्फ कॉफी या चाय पीने से डिमेंशिया नहीं होगा। जीवनशैली, खानपान, एक्सरसाइज और जेनेटिक्स जैसे कई दूसरे फैक्टर भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बहुत ज्यादा कॉफी पीने से अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता, बल्कि नींद की समस्या और घबराहट जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए सीमित मात्रा में कॉफी या चाय लेना ठीक है, लेकिन दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद सबसे ज्यादा जरूरी मानी जाती है।
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