झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को CID ने कथित परीक्षा अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है। इसके बाद 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा, OMR शीट में कथित गड़बड़ी और रिजल्ट को लेकर उठ रहे सवाल फिर सुर्खियों में हैं।
मामले की जांच में परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL, कुछ अभ्यर्थियों और आयोग से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। वहीं, एल. खियांगते ने जुलाई के आखिर में JPSC चेयरमैन के पद से इस्तीफा दिया था।
रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। JPSC-JSSC Reforms Manch के बैनर तले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि कथित परीक्षा गड़बड़ी की जांच CBI से कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं उनके भविष्य और वर्षों की मेहनत से जुड़ी हैं, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यही वजह है कि मामला अब सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी भर्ती व्यवस्था में जवाबदेही और युवाओं के भरोसे का मुद्दा बन गया है।
पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद अब CID की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं और छात्रों की CBI जांच की मांग पर सरकार क्या फैसला लेती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।