अमेरिका और ईरान के बीच सुलगती भू-राजनीतिक आग और सैन्य संघर्ष ने अब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग को सुलगता रणक्षेत्र बना दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बार फिर मौत ने कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों का रास्ता रोक लिया। शुक्रवार को जब एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) ने समंदर के सीने को चीरकर कुवैत के झंडे वाले एक क्रूड ऑयल टैंकर को निशाना बनाया, तो जहाज पर सवार लोगों की सांसें थम गईं। राहत की बात यह है कि इस जानलेवा हमले के बाद भी अंधेरे और धुएं के बीच से 5 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
अज्ञात प्रोजेक्टाइल से किया हमले
2 अक्टूबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के तट के पास दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों को निशाना बनाकर रहस्यमयी हमले किए गए। ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (UKMTO) के अनुसार, पहला हमला उस वक्त हुआ जब एक टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था।
इस हमले से जहाज पर जोरदार धमाका हुआ, मामूली आग लगी और कुछ समय के लिए बिजली गुल हो गई। हालांकि, चालक दल ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और जहाज ने अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर दी। दूसरा और अधिक खतरनाक हमला ओमान के तट से करीब 4 नॉटिकल मील पूर्व में एक अन्य कच्चे तेल के टैंकर पर किया गया।
ओमान की मदद से सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
इस हमले की जद में कुवैत के झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘MT Kazimah III’ भी आ गया। जहाज पर सवार 5 भारतीय नाविकों की जान पर संकट मंडराने लगा। सूचना मिलते ही ओमान में भारतीय दूतावास हरकत में आया।
ओमानी अधिकारियों के साथ तुरंत मजबूत समन्वय स्थापित किया गया और एक हाई-रिस्क बचाव अभियान शुरू किया गया। संयुक्त प्रयासों के चलते पांचों भारतीय नाविकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर ओमान के तट पर पहुंचा दिया गया है।
खाड़ी देशों में फंसे 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक
यह सनसनीखेज घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत फारस की खाड़ी और अन्य प्रमुख शिपिंग रूट्स पर बढ़ते सुरक्षा खतरों को लेकर बेहद सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में बताया था कि इस खतरनाक क्षेत्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से अधिक भारतीय नाविक मौजूद थे। इनमें से 163 कर्मचारी वर्तमान में 12 जहाजों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिसमें भारत के झंडे वाले 6 जहाज और भारत के लिए सामान ले जा रहे 6 विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, ओमान के अधिकारियों और भारतीय दूतावास के समन्वय से 5 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन क्षेत्र में मौजूद हजारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा अब भी अहम मुद्दा है। ऐसे में आने वाले दिनों में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर नजर रहेगी।