रांची (झारखंड)। सूत्रों के मुताबिक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में धांधली को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों के आगे हेमंत सोरेन सरकार आखिरकार झुक गई है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी और आंदोलनकारी छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता में 14वीं JPSC परीक्षा और 2023-25 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति बन गई है। इसके साथ ही पूरी परीक्षा प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच 90 दिनों के भीतर CID और आर्थिक अपराधों के एंगल से ED से कराने का बड़ा फैसला लिया गया है।
रांची में पिछले कई दिनों से चल रहे उग्र छात्र आंदोलन के बाद सरकार की गठित कमेटी ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और लीक मामलों को लेकर कड़े प्रमाण सामने रखे।
इसके बाद सरकार ने परीक्षा संचालित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL (Techno India Digital System) की भूमिका पर सख्त रुख अपनाया है। एजेंसी द्वारा राज्य में आयोजित कराई गई अन्य सभी सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में ले आया गया है।
JPSC परीक्षा विवाद की गहराई को देखते हुए जांच का जिम्मा दो अलग-अलग एजेंसियों को दिया गया है:
हालांकि सरकार की ओर से मौखिक सहमति और आश्वासन मिल चुके हैं, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और जांच का आधिकारिक शासनादेश (Government Order) जारी नहीं होता, वे पूरी तरह से आश्वस्त नहीं होंगे। राज्य सरकार के इस फैसले से आगामी दिनों में झारखंड की प्रशासनिक भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े सुधारों की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांचरापाड़ा में पुलिस कस्टडी में…
असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ और…
नई दिल्ली: देश में अपराध की स्थिति को लेकर सामने आए 2018 के NCRB आंकड़ों…
मुंबई ।जोरू का गुलाम के डायरेक्टर शकील नूरानी को यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार…
अयोध्या । श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को पूरी तरह…
भारतीय बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, जहां असम की अश्मिता चालिहा…