नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम अब डीप डिप्रेशन में बदल चुका है और तेजी से तट की ओर बढ़ रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में इसके असर से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगर सिस्टम की हवा की रफ्तार बढ़ती है तो यह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले अगले चक्रवात के लिए ‘ARNAB’ नाम तय है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे जुड़े उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना डीप डिप्रेशन पिछले छह घंटों में करीब 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। बुधवार सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम इसी क्षेत्र में केंद्रित था।
उस समय यह कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, गोपालपुर से 150 किलोमीटर दक्षिण, विशाखापत्तनम से 150 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और पुरी से करीब 230 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।
IMD के अनुसार, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि बुधवार, 23 सितंबर की रात तक यह विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के पास से उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार कर सकता है।
मौसम विभाग किसी समुद्री मौसम सिस्टम को उसकी अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखता है।
यानी बंगाल की खाड़ी में बना मौजूदा डीप डिप्रेशन अभी अपने आप में चक्रवाती तूफान नहीं है। इसके चक्रवात में बदलने के लिए हवा की रफ्तार को निर्धारित सीमा तक पहुंचना जरूरी है।
इस मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ओडिशा में देखने को मिल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से भारी बारिश हो रही है। बुधवार रात डीप डिप्रेशन के तट से गुजरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रणनीतिक स्थानों पर कर्मचारी और मशीनरी तैनात कर दी है।
11 जिलों के कलेक्टरों ने तैयारियों को लेकर वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया। अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित ठहराने के लिए चक्रवात और बाढ़ राहत केंद्र तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश को देखते हुए जरूरी सामान और उपकरणों का पर्याप्त भंडार भी तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी हाई अलर्ट पर हैं। नदियों, जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारी बारिश और खराब मौसम के मद्देनजर ओडिशा के चार जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
खराब मौसम के कारण कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी प्रतिबंधित की गई है। इनमें गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाला कलिंगा घाट शामिल है। चिल्का झील में सतपाड़ा और जाह्नीकुड़ा के बीच फेरी सेवा भी 25 सितंबर तक बंद रहेगी।
गजपति, गंजाम और कुछ अन्य जिलों में पेड़ गिरने तथा सड़कों के बाधित होने की खबरें भी सामने आई हैं।
डीप डिप्रेशन का असर तटीय आंध्र प्रदेश में भी पड़ने की आशंका है। संभावित चक्रवाती तूफान के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री वंगालापुडी अनिता ने अधिकारियों को 24 घंटे कंट्रोल रूम चालू रखने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बड़े होर्डिंग्स और जर्जर इमारतों से दूर रहने की अपील की है।
बंगाल की खाड़ी में बना मौजूदा सिस्टम अभी डीप डिप्रेशन है। यदि इसकी हवा की गति 63 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक हो जाती है, तभी इसे चक्रवाती तूफान की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी स्थिति बनने पर इसका नाम ‘ARNAB’ होगा। फिलहाल मौसम विभाग का मुख्य फोकस इसके तट की ओर बढ़ने और ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश में इसके प्रभाव पर है।
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