नई दिल्ली: देश में अपराध की स्थिति को लेकर सामने आए 2018 के NCRB आंकड़ों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में देशभर में हर दिन औसतन 80 हत्या और 91 रेप के मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा रोजाना करीब 289 अपहरण और किडनैपिंग के मामले भी पुलिस रिकॉर्ड में आए।
2018 में कितने हत्या के मामले दर्ज हुए?
NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, 2018 में देशभर में कुल 29,017 हत्या के मामले दर्ज किए गए। 2017 में यह संख्या 28,653 थी। यानी एक साल में हत्या के मामलों में करीब 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक हत्या के पीछे सबसे प्रमुख वजहों में विवाद शामिल था। इसके अलावा व्यक्तिगत दुश्मनी और आर्थिक या दूसरे फायदे के लिए की गई हत्याएं भी दर्ज की गईं।
हर दिन औसतन 91 रेप के मामले
महिलाओं के खिलाफ अपराध की बात करें तो 2018 में 33,356 रेप के मामले दर्ज किए गए। यानी पूरे साल के आंकड़ों को देखें तो देश में हर दिन औसतन 91 रेप के मामले पुलिस में दर्ज हुए।
हालांकि यह संख्या 2017 के मुकाबले थोड़ी ज्यादा थी। 2017 में रेप के 32,559 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2016 में यह आंकड़ा 38,947 था।
यहां यह समझना जरूरी है कि NCRB के आंकड़े पुलिस में दर्ज मामलों पर आधारित होते हैं। इसलिए इन्हें देश में हुई हर घटना की वास्तविक संख्या नहीं माना जा सकता।
महिलाओं के खिलाफ अपराध भी बढ़े
NCRB के अनुसार, 2018 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 3,78,277 मामले दर्ज किए गए। 2017 में यह आंकड़ा 3,59,849 था।
इसमें रेप के अलावा दहेज हत्या, महिलाओं के साथ मारपीट, अपहरण, छेड़छाड़ और दूसरे अपराध भी शामिल हैं।
यानी महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 2017 की तुलना में 2018 में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अपहरण के मामलों में भी इजाफा
2018 में देशभर में 1,05,734 अपहरण और किडनैपिंग के मामले दर्ज किए गए। 2017 में यह आंकड़ा इससे कम था।
NCRB के मुताबिक, अपहरण और किडनैपिंग के मामलों में करीब 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। इसका मतलब है कि 2018 में हर दिन औसतन करीब 289 मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हुए।
क्या देश में कुल अपराध भी बढ़े?
कुल दर्ज अपराधों को देखें तो तस्वीर थोड़ी अलग नजर आती है। 2018 में देश में अपराध के मामले बढ़े, लेकिन NCRB के अनुसार प्रति एक लाख आबादी पर अपराध दर 2017 के 388.6 से घटकर 2018 में 383.5 हो गई।
इसलिए सिर्फ कुल मामलों की संख्या देखकर अपराध बढ़ने या घटने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। आबादी में बदलाव और रिपोर्टिंग जैसे कई दूसरे factors भी crime rate को प्रभावित करते हैं।
NCRB के आंकड़े क्या बताते हैं?
NCRB की यह रिपोर्ट भारत में दर्ज अपराधों की तस्वीर समझने का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। आंकड़े बताते हैं कि 2018 में हत्या, रेप, महिलाओं के खिलाफ अपराध और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के हजारों मामले दर्ज किए गए।
लेकिन इन आंकड़ों को समझते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि NCRB के आंकड़े दर्ज मामलों पर आधारित होते हैं। किसी अपराध की FIR दर्ज होना और अदालत में अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं।
2018 के NCRB आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर दिन औसतन 80 हत्याएं और 91 रेप के मामले दर्ज हुए। वहीं अपहरण के करीब 289 मामले रोजाना सामने आए। महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ये आंकड़े देश में अपराध और उसकी रिपोर्टिंग की गंभीर स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें सही संदर्भ में देखना जरूरी है।
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