सोशल मीडिया ट्रेंड या सेहत से खिलवाड़?
आजकल सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों और फिल्मी सितारों के शरीर पर गोल निशानों वाली तस्वीरें अक्सर दिखाई देती हैं। ‘कपिंग थेरेपी’ या ‘हिजामा’ के नाम से फेमस ये प्रोसेस आज के दौर में एक बड़ा ट्रेंड बन चुकी है। दावा किया जाता है कि ये शरीर से गंदगी बाहर निकालती है और दर्द से तुरंत राहत देती है। लेकिन, एडवांस्ड हेल्थ रिसर्च एक्सपर्ट्स ने इस पर एक बड़ा ‘रेड फ्लैग’ दिखाया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये न केवल अन-साइंटिफिक है, बल्कि आपके शरीर को गंभीर नुकसान भी पहुँचा सकता है।
अक्सर ये कहकर लोगों को अट्रैक्ट किया जाता है कि हिजामा के जरिए शरीर का “गंदा खून” बाहर निकल जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
एक्सपर्ट्स ने बताया की साइंस कहता है हमारे शरीर में खून को साफ करने का नेचुरल सिस्टम पहले से मौजूद है। यह काम लिवर और किडनी करते हैं, न कि हमारी त्वचा।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्किन पर कट लगाकर खून निकालना किसी भी तरह का ‘डिटॉक्स’ नहीं है। यह सिर्फ शरीर को जख्म देने जैसा है, जिसका सेहत से कोई लेना-देना नहीं है।
खिलाड़ियों के लिए फायदे से ज्यादा नुकसान
मैदान पर बेहतर प्रदर्शन और जल्दी रिकवरी के लिए कई एथलीट इस थेरेपी को अपना रहे हैं, जो एक्सपर्ट्स की नजर में एक गलत फैसला है: एक खिलाड़ी को बेहतर स्टैमिना के लिए शरीर में सही मात्रा में खून की जरूरत होती है। कपिंग के जरिए खून निकालना उनकी शारीरिक क्षमता को कम कर सकता है।
शरीर की ऊर्जा का इस्तेमाल खेल की थकान मिटाने में होना चाहिए, लेकिन कपिंग के बाद शरीर अपनी पूरी ताकत उन निशानों और घावों को भरने में लगा देता है। इससे असली रिकवरी की प्रोसेस धीमी हो जाती है।
इन्फेक्शन और गंभीर बीमारियों का बढ़ता खतरा
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हिजामा करवाने के चक्कर में आप उम्र भर की बीमारियाँ मोल ले सकते हैं:
अगर इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले औजार पूरी तरह साफ या स्टेरलाइज्ड न हों, तो हेपेटाइटिस बी, सी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियाँ एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैल सकती हैं।
कई मामलों में यह देखा गया है कि कपिंग के कारण स्किन पर उम्र भर के लिए गहरे निशान पड़ जाते हैं, त्वचा का रंग खराब हो जाता है या अंदरूनी तौर पर खून के थक्के जम जाते हैं।
डॉक्टर्स का कहना है कि फिट रहने के लिए आपको किसी ऐसी दर्दनाक या बाहरी प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। शरीर को खुद को ठीक करने के लिए बस तीन चीजों की जरूरत होती है:
भरपूर और गहरी नींद: जो शरीर की मरम्मत का सबसे अच्छा तरीका है।
सही हाइड्रेशन: दिन भर पर्याप्त पानी पीना।
बेहतर डाइट और आराम: सही पोषण और शरीर को जरूरत के अनुसार रेस्ट देना।
आज के दौर में सोशल मीडिया ट्रेंड्स को देखकर किसी भी इलाज को चुनना खतरनाक हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह है कि “चमत्कारी” दावों के पीछे भागने के बजाय साइंस और डॉक्टर की सलाह पर भरोसा करें। अपनी सेहत के साथ एक्सपेरिमेंट्स करना भारी पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक रूह कंपा देने वाला सामने आया है। रामकोला…
हैदराबाद/गुवाहाटी। तेलंगाना हाई कोर्ट ने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते…
लखनऊ। नवाबों के शहर की पहचान सिर्फ उसकी तहज़ीब, अदब और इमामबाड़ों से नहीं है,…
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश Justice Yashwant Varma ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया है।…
न्यूयॉर्क/मुंबई, 10 अप्रैल 2026: मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ…
त्रिवेंद्रम, 10 अप्रैल 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार वोटिंग ने नया जोश…