मिडल-ईस्ट (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी नई जंग ने सोमवार को ग्लोबल मार्केट सहित भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। हफ्ते के पहले ही दिन बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट में हाहाकार मच गया। चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए।
केवल भारत ही नहीं, बल्कि एशिया से लेकर अमेरिकी बाजार तक इस भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) की चपेट में हैं।
1. भारतीय बाजार की ‘खूनी’ शुरुआत: लाल निशान में डूबा दलाल स्ट्रीट
सोमवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े गैपडाउन के साथ खुले। बाजार का मौजूदा हाल कुछ ऐसा है…
| इंडेक्स (Index) | गिरावट (Points) | मौजूदा स्तर (Level) | स्थिति |
| BSE सेंसेक्स | -821 अंक | 73,421 | सभी 30 शेयर लाल निशान में |
| NSE निफ्टी-50 | -286 अंक | 23,080 | भारी बिकवाली जारी |
| निफ्टी मिडकैप | -1.5% से अधिक | गिरावट पर | छोटे-मझोले शेयरों में अफरा-तफरी |
| निफ्टी स्मॉलकैप | -1.5% से अधिक | गिरावट पर | निवेशक निकाल रहे हैं पैसा |
2. आज क्यों क्रैश हुआ शेयर बाजार? 3 बड़े कारण
बाजार के जानकारों के मुताबिक, आज की इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन ट्रिगर काम कर रहे हैं:
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ईरान-इजरायल मिसाइल वार: ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए ताजा हमलों से खाड़ी देशों में सप्लाई चेन टूटने का खतरा बढ़ गया है। अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स (शेयरों) से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों पर डालना शुरू कर दिया है।
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क्रूड ऑयल की कीमतों में आग: खाड़ी संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारतीय बाजार में क्रूड ऑयल ₹8,600 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जो भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका है।
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अमेरिकी फेड का डर: अमेरिका में मई महीने के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कहीं बेहतर आए हैं। इससे यह डर पैदा हो गया है कि महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें और बढ़ा सकता है। इसके चलते अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड उछलकर 4.5% के पार चली गई है।
3. वैश्विक बाजारों का हाल: एशिया में हाहाकार, कोस्पी 8% टूटा
भारतीय बाजार के खुलने से ठीक पहले एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने घरेलू सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया:
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दक्षिण कोरिया (KOSPI): सबसे भयंकर गिरावट यहां देखी गई, जहां इंडेक्स 8% से ज्यादा क्रैश हो गया। सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी दिग्गज टेक और चिप कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे।
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जापान (NIKKEI): जापान का निक्केई इंडेक्स भी 2,780 अंक फिसलकर 63,804 के स्तर पर आ गया (करीब 4.2% की गिरावट)।
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हांगकांग (Hang Seng): हैंगसेंग भी 1.34% की कमजोरी के साथ 24,630 पर ट्रेड करता दिखा।
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अमेरिकी फ्यूचर्स: डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 124 अंकों (0.25%) की गिरावट है, जबकि S&P 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स भी 0.2% नीचे चल रहे हैं।
4. कमोडिटी और करेंसी मार्केट: रिकॉर्ड स्तर पर कच्चा तेल, रुपया पस्त
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कच्चा तेल (Global Market): ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.35% बढ़कर $95.28 प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड 2.16% की तेजी के साथ $92.50 पर है।
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डॉलर बनाम रुपया: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.04 पर स्थिर है, लेकिन भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक गिरावट के साथ 94.95 के स्तर पर बंद हुआ था, जिससे आज भी दबाव साफ दिख रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मिडल-ईस्ट में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में पैनिक सेलिंग (डर में शेयर बेचना) से बचना चाहिए।