नई दिल्ली: दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट ने बुधवार को सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत दे दी। दोनों को 50 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड पर राहत मिली है। अदालत में दिए गए लिखित आश्वासन के आधार पर दोनों को 7 दिन की हिरासत के बाद तिहाड़ जेल से रिहा किए जाने का आदेश दिया गया।
कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका ने लिखित अंडरटेकिंग देकर भरोसा दिलाया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई नहीं किया जाता, तब तक वहां कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन संविधान की मर्यादा के भीतर रहकर ही किया जाएगा।
शांति बनाए रखने का दिया लिखित आश्वासन
सुनवाई के दौरान दोनों नेताओं ने अदालत के समक्ष यह भी भरोसा जताया कि वे न्यायपालिका और उसके संस्थानों पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। अदालत ने उनके लिखित अंडरटेकिंग को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया।
पुलिस ने बढ़ी हुई न्यायिक हिरासत की मांग की
सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की। पुलिस का तर्क था कि आरोपियों के बयानों और उनके बाद के व्यवहार को देखते हुए कानून-व्यवस्था और शांति भंग होने की आशंका बनी हुई है।
वकील ने बिना शर्त माफी मांगी
सुनवाई के दौरान पुलिस ने तिहाड़ जेल ले जाते समय सीजेपी के एक अन्य सदस्य द्वारा मीडिया में दिए गए बयान का भी उल्लेख किया। इस पर दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने बिना शर्त माफी मांगते हुए अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।
कोर्ट ने क्यों दी जमानत
दोनों पक्षों की दलीलों और दाखिल लिखित हलफनामों पर विचार करने के बाद मजिस्ट्रेट ने माना कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 135(3) के तहत शांति बनाए रखने के उद्देश्य को बॉन्ड और अंडरटेकिंग के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में आगे न्यायिक हिरासत आवश्यक नहीं है।
हर सुनवाई पर पेश होना होगा
अदालत ने निर्देश दिया कि जांच पूरी होने तक सौरव दास और आशुतोष रांका को सभी निर्धारित तारीखों पर कोर्ट में उपस्थित होना होगा। साथ ही उन्हें अपने बॉन्ड और लिखित अंडरटेकिंग की सभी शर्तों का पालन करते हुए सार्वजनिक शांति बनाए रखनी होगी।
23 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की जांच जारी रहेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे की तारीख निर्धारित की है।