ग्लोबल टेक वर्ल्ड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस “AI” के बूम ने साउथ कोरिया के कॉर्पोरेट इतिहास को पूरी तरह से पलट दिया है। चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी SK Hynix ने मार्केट कैपिटलाइजेशन की रेस में अपनी सबसे बड़ी राइवल Samsung Electronics को पछाड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उलटफेर के साथ ही SK Hynix अब साउथ कोरिया की नंबर-1 लिस्टेड कंपनी बन चुकी है।

साउथ कोरियाई शेयर बाजार “KOSPI” में पिछले 26 सालों से सैमसंग का एकछत्र राज था, जिसे अब SK Hynix ने खत्म कर दिया है। साल 2000 के बाद यह पहली बार है जब सैमसंग को नंबर वन की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा है। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि SK Hynix की इस रॉकेट जैसी रफ्तार के पीछे AI चिप्स की भारी डिमांड है।
HBM मार्केट का किंग बना SK Hynix
आज दुनिया भर में जेनरेटिव एआई जैसे ChatGPT और बड़े डेटा सेंटर्स का क्रेज है। इन्हें चलाने के लिए सबसे खास “High-Bandwidth Memory” HBM चिप्स की जरूरत होती है। SK Hynix ने सही समय पर सही दांव खेला और इस टेक्नोलॉजी पर कब्जा कर लिया। आज की तारीख में यह कंपनी AI गॉडफादर कही जाने वाली Nvidia और Google जैसी ग्लोबल टेक कंपनियों को सबसे ज्यादा एडवांस्ड HBM चिप्स सप्लाई कर रही है।

दूसरी तरफ सैमसंग इस AI और HBM की रेस में थोड़ा धीमा रह गया। समय रहते मार्केट ट्रेंड को न भांप पाने का खामियाजा सैमसंग को अपना नंबर-1 का ताज गंवाकर भुगतना पड़ा है।
आज के मार्केट का स्कोरकार्ड
ट्रेडिंग के दौरान SK Hynix का शेयर 5.7% तक उछल गया। इस उछाल के साथ कंपनी की टोटल मार्केट वैल्यू लगभग 1.35 ट्रिलियन डॉलर (2,082.5 ट्रिलियन वॉन) के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई। इसके मुकाबले सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर सिर्फ 0.4% ही रेंग पाया, जो उसकी कुर्सी बचाने के लिए काफी नहीं था। इस साल में SK Hynix के निवेशकों को 340% से ज्यादा का बंपर रिटर्न मिला है।

अब आगे क्या?
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि सैमसंग के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका और ‘वेक-अप कॉल’ है। नो डाउट, सैमसंग आज भी स्मार्टफोन और होम अप्लायंसेज का बहुत बड़ा प्लेयर है, लेकिन अगर उसे फिर से नंबर वन बनना है, तो उसे AI स्पेसिफिक कंपोनेंट्स और HBM चिप्स के प्रोडक्शन को वॉर-लेवल पर बढ़ाना होगा।

एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है की, फिलहाल के लिए तो, Nvidia के साथ सॉलिड पार्टनरशिप के दम पर SK Hynix ने खुद को ऐसी मजबूत पोजीशन में खड़ा कर लिया है, जहां से उसे नीचे खींच पाना किसी भी कंपनी के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है।