सलेस्फोर्स ने AI के चलते किया लेऑफ
सेल्सफोर्स ने अपने सपोर्ट वर्कफोर्स में बड़ी कटौती की घोषणा की है. कंपनी के CEO मार्क बेनिऑफ़ ने पुष्टि की है कि 4,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म कर दी गई हैं. क्योंकि अब कस्टमर इंटरैक्शन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका काफी बढ़ गई है. यह फैसला इस बात की ओर इशारा करता है कि अमेरिका स्थित यह क्लाउड सॉफ्टवेयर कंपनी अब अपने मुख्य कामकाज में AI को गहराई से शामिल कर रही है. मतलब अब जो काम पहले इंसान करते थे जैसे ग्राहक की समस्याओं को समझना और समाधान देना वो काम अब AI सिस्टम कर रहे हैं. इसलिए कंपनी को उतने कर्मचारियों की ज़रूरत नहीं रही. यह बदलाव न सिर्फ टेक्नोलॉजी की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि भविष्य में कई कंपनियों में AI के कारण नौकरियों में कमी आ सकती है.
सेल्सफ़ोर्स ने सपोर्ट टीम में की 45% की कटौती, AI ने संभाली ज़िम्मेदारी
सेल्सफ़ोर्स ने अपने कस्टमर सपोर्ट डिपार्टमेंट में बड़ी कटौती करते हुए कर्मचारियों की संख्या 9,000 से घटाकर 5,000 कर दी है. कंपनी के CEO मार्क बेनिऑफ़ ने एक पॉडकास्ट में बताया कि यह बदलाव AI टेक्नोलॉजी के चलते संभव हुआ है. अब ग्राहक बातचीत का लगभग 50% हिस्सा AI एजेंट्स द्वारा संभाला जा रहा है. जबकि बाकी काम इंसानी कर्मचारियों के ज़िम्मे है. बेनिऑफ़ ने इसे अपने करियर के “सबसे रोमांचक आठ महीने” बताते हुए कहा कि यह कदम कंपनी के सर्विस मॉडल को तेज़ी से ऑटोमेशन की ओर ले जा रहा है. उन्होंने कहा, “मैंने अपने सपोर्ट स्टाफ की संख्या को फिर से संतुलित किया।
26 साल पुरानी सेल्स बैकलॉग से निपट रहा है सेल्सफोर्स
सेल्सफोर्स सिर्फ सपोर्ट सिस्टम में ही नहीं, बल्कि सेल्स डिपार्टमेंट में भी AI तकनीक का उपयोग कर रहा है. CEO मार्क बेनिऑफ़ ने बताया कि कंपनी ने बीते 26 वर्षों में 100 मिलियन से ज़्यादा बिना कॉल किए गए सेल्स लीड्स इकट्ठा कर लिए थे. इसमें देर इसलिए हुई क्योंकि कर्मचारियों की कमी थी.
अब कंपनी ने AI से संचालित “एजेंटिक सेल्स” टूल्स को एक्टिव किया है, जो इन लीड्स से संपर्क कर रहे हैं और आउटरीच प्रोसेस को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं.
AI और इंसानी निगरानी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सेल्सफोर्स ने एक नया सिस्टम शुरू किया है, जिसे “Omnichannel Supervisor” कहा जाता है. यह सिस्टम तब इंसानी एजेंट्स को मामले ट्रांसफर कर देता है जब ज़रूरत हो ठीक वैसे ही जैसे Tesla की ऑटोपायलट तकनीक ज़रूरत पड़ने पर नियंत्रण ड्राइवर को वापस सौंप देती है.
AI से फायदा, लेकिन नौकरियों पर असर
सेल्सफोर्स और उसके CEO मार्क बेनिऑफ़ ऑटोमेशन से मिलने वाले प्रोडक्टिविटी फायदे को ज़ोर देकर पेश कर रहे हैं. लेकिन कंपनी की हालिया संरचनात्मक बदलावों ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है. AI का इंसानों पर क्या असर होगा? एक तरफ़, कंपनी काम की गुणवत्ता और सेवा देने की गति को बेहतर बना रही है. लेकिन दूसरी तरफ़, हज़ारों कर्मचारियों की नौकरियां चली गई हैं. क्योंकि AI अब उन कामों को भी कर सकता है जो पहले सिर्फ इंसान ही कर सकते थे और जिन्हें ऑटोमेशन से सुरक्षित माना जाता था.सेल्सफोर्स का यह कदम एक बड़े वैश्विक सवाल की तरफ़ इशारा करता है . कैसे कंपनियां AI से मिलने वाले फ़ायदे उठाएं लेकिन बिना कर्मचारियों को हाशिए पर डाले? बेनिऑफ़ के लिए यह निर्णय एक तरफ़ जहां टेक्नोलॉजी में भरोसे को दर्शाता है. वहीं दूसरी तरफ़ आर्थिक नुकसान और सामाजिक असर को भी स्वीकार करता है.
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