भारतीय बैडमिंटन की ‘क्वीन’ पीवी सिंधु ने जापान की धरती पर इतिहास रच दिया है। सिंधु ने जापान ओपन के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को सीधे सेटों में 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पीवी सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली भारत की पहली शटलर बन गई हैं।
सिंधु की ऐतिहासिक जीत की 5 बड़ी बातें
- रचा नया इतिहास: पीवी सिंधु जापान ओपन (BWF 750) का खिताब जीतने वाली बैडमिंटन इतिहास की पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
- 4 साल का सूखा खत्म: भारत से बाहर किसी बड़े इंटरनेशनल कोर्ट पर सिंधु का यह 4 साल बाद पहला बड़ा खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन जीता था।
- यामागुची पर दबदबा: बैडमिंटन कोर्ट पर दोनों दिग्गजों के बीच यह 30वीं भिड़ंत थी, जिसमें अब सिंधु 16-14 के रिकॉर्ड के साथ आगे निकल गई हैं।
- वर्ल्ड चैंपियन को घर में रौंदा: सिंधु की यह जीत इसलिए भी बेमिसाल है क्योंकि उन्होंने यामागुची को उन्हीं के घरेलू दर्शकों के सामने एकतरफा मुकाबले में मात दी।
- रैंकिंग में होगा बंपर उछाल: इस साल 18वें स्थान पर खिसक चुकीं सिंधु ने पहले टॉप-10 (9वें नंबर) में वापसी की और अब इस खिताबी जीत के बाद उनकी रैंकिंग और ऊपर जाने वाली है।
मैदान पर सिंधु का ‘रौद्र रूप’, बेअसर दिखीं अकाने यामागुची
दुनिया भर के बैडमिंटन फैंस को उम्मीद थी कि इस फाइनल मैच में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। लेकिन मियामी कोर्ट पर उतरीं पीवी सिंधु अलग ही मूड में थीं। उन्होंने मैच की शुरुआत से ही अपने आक्रामक स्मैश और तेज-तर्रार खेल से यामागुची को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
जापानी स्टार और वर्ल्ड चैंपियन यामागुची अपने घरेलू दर्शकों के सामने पूरी तरह बेअसर नजर आईं। सिंधु ने दोनों गेम 21-17, 21-17 से जीतकर बेहद आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सिंधु के लिए क्यों ‘अमृत’ जैसी है यह जीत?
साल 2024 में सैयद मोदी टूर्नामेंट जीतने के बाद से सिंधु एक बड़े टाइटल की तलाश में थीं। चोटों और खराब फॉर्म से जूझने के बाद यह उनके करियर का पहला BWF 750 टाइटल है।
एक्सपर्ट्स का मानना: इस खिताबी जीत ने यह साबित कर दिया है कि पीवी सिंधु बड़े टूर्नामेंट्स और बड़े खिलाड़ियों के खिलाफ आज भी भारत की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं। इस जीत से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंचेगा, बल्कि आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी उन्होंने विरोधियों को कड़ा संदेश दे दिया है।