नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का आखिरी हफ्ता भी भारी हंगामे और कड़वाहट की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इसी दौरान वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और गुजरात से बीजेपी सांसद मुकेश दलाल का आमना-सामना हो गया, जिसके बाद जुबानी जंग तेज हो गई।
‘राहुल गांधी जवाब दो’: जब प्रियंका के सामने लगे नारे
मंगलवार सुबह प्रियंका गांधी जब संसद भवन के भीतर प्रवेश कर रही थीं, तब बीजेपी सांसद मुकेश दलाल हाथों में ‘झारखंड में छात्रों पर हुई निर्दयता पर राहुल गांधी जवाब दो’ के पोस्टर लेकर खड़े थे।
प्रियंका गांधी को देखते ही उन्होंने ‘राहुल गांधी शर्म करो, शर्म करो’ के नारे लगाना शुरू कर दिया।
इस पर प्रियंका गांधी ने रुककर कहा कि राहुल गांधी ने झारखंड के छात्रों से बातचीत की है और वे इस मुद्दे पर लगातार काम कर रहे हैं, जिसके बाद वह मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं।
बीजेपी सांसद का सवाल: “झारखंड जाने की हिम्मत क्यों नहीं?”
प्रियंका गांधी के जाने के बाद बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“प्रियंका जी ने मुझसे कहा कि राहुल गांधी इस पर काम कर रहे हैं। तो मेरा सवाल है कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल झारखंड जाने की हिम्मत क्यों नहीं करते? उन्होंने अब तक प्रभावित छात्रों से जाकर मुलाकात क्यों नहीं की?”
एनडीए सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्ष जहां अन्य राज्यों के मुद्दों पर हंगामा करता है, वहीं झारखंड में अपनी गठबंधन सरकार (JMM-कांग्रेस) के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर पूरी तरह मौन साधे हुए है।
“इतना तो हमने सरकार को मजबूर कर दिया”: प्रियंका का तंज
मुकेश दलाल से बहस और एनडीए सांसदों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने तंज कसा:
“मैंने अपने जीवन में पहली बार सत्तापक्ष (सरकार) के सांसदों को संसद परिसर में प्रदर्शन करते देखा है। इतना तो विपक्ष ने उन्हें मजबूर कर ही दिया है। अब नारे लगाने के बजाय वे सदन के भीतर आएं और देश के ज्वलंत मुद्दों पर जवाब दें।”
संसद में क्यों नहीं खत्म हो रहा गतिरोध?
संसद के दोनों सदनों में गतिरोध के मुख्य कारण…
- विपक्ष का रुख: कांग्रेस और विपक्षी दल दिल्ली में Gen-Z प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दों पर गृह मंत्री अमित शाह के सीधे जवाब और चर्चा की मांग पर अड़े हैं।
- सरकार का पक्ष: संसदीय कार्य मंत्रालय और बीजेपी नेताओं का कहना है कि सरकार और गृह मंत्री सदन में हर विषय पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा में भाग लेने के बजाय लगातार हंगामा कर सदन की कार्यवाही ठप कर रहा है।
सदन के भीतर शोर-शराबे और बाहर विरोध प्रदर्शनों के बीच सत्र के अंतिम दिनों में भी किसी विधायी कामकाज पर सहमति बनती नहीं दिख रही है।