आजकल हर कोई सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक हर तरह की जानकारी पहुंचती है, लेकिन कुछ लोग इन्हीं प्लेटफ़ॉर्मस का उपयोग लोगों को ठगने के लिए भी करते हैं. लॉटरी या गिफ्ट-कार्ड जैसे बहाने से ठगी करना अब सामान्य बात हो चुकी है. लेकिन आज हम आपको ठगी के एक ऐसे नए तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं कि नाम सुनते ही आपके होश उड़ जाएंग, इसे कहते हैं प्रेग्नेंसी स्कैम’ नाम लगे तो अजीब है, पर वर्तमान में यह नया स्कैम कई लोगों को अपना शिकार बना रहा है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक विज्ञापन काफी चर्चा में है. इस विज्ञापन में लिखा होता है जरूरत है ऐसे पुरुष की जो बांझ महिलाओं को प्रेग्नेंट कर सके, लाखों रुपये की कमाई का मौका.
ऐसे विज्ञापन दरअसल लोगों को अपने जाल में फंसाने का नया तरीका बन गए हैं. इसे ही ‘प्रेग्नेंसी स्कैम’ कहा जाता है. ‘प्रेग्नेंसी स्कैम’ असल में साइबर ठगी का एक नया हथियार बन चुका है. इस ट्रेंड ने लोगों की नींद उड़ा दी है. ठग फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का आसानी से इस्तेमाल करते हैं और फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं. ऐसे विज्ञापनों में प्रेग्नेंट जॉब सर्विस, हेल्पिंग इंफर्टाइल वुमन या डोनेशन प्रोग्राम जैसे नामों का सहारा लेकर लोगों को बहकाया जाता है.
विज्ञापनों में अक्सर लोग फर्जी तरीकों से कुछ सामाजिक संगठनों या मेडिकल संस्थानों के नाम पर भरोसा दिलाते हैं कि पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से हो रही है इस दौरान ठग लोग नकली सर्टिफिकेट, फर्जी सरकारी दस्तावेज और कभी-कभी किसी बड़े सेलिब्रिटी के नाम का सहारा लेकर लोगों से ठगी करते हैं। कई लोग इस जाल में आसानी से फंस जाते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं.
जालसाज उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल जांच शुल्क और टैक्स के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं. ताजा मामला पुणे से सामने आया है, जहां जांच में खुलासा हुआ कि इस तरह की ठगी का सबसे बड़ा नेटवर्क बिहार के नवादा जिले से ऑपरेट हो रहा है.
अक्सर जब लोग इस तरह के मामलों में फंस जाते हैं, तो शर्म और सामाजिक डर के कारण पुलिस में शिकायत नहीं करते. चूंकि यह मामले प्रेग्नेंसी या यौन विषयों से जुड़े होते हैं, इसलिए पीड़ित चुप रह जाते हैं. स्कैमर इसी का फायदा उठाते हैं और कई बार धमकी देते हैं कि “आपके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर देंगे, ” डर के मारे कई पीड़ित और पैसे दे देते हैं.
अब ‘प्रेग्नेंसी स्कैम’ डिजिटल ब्लैकमेलिंग का रूप भी ले रहा है. पीड़ितों के डेटा, सेल्फी और पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर फिरौती मांगने या अश्लील सामग्री बनाने के मामले भी सामने आए हैं.
कुल मिलाकर, इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में लोग बड़ी आसानी से ऐसे जाल में फंस रहे हैं। इसलिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है.