पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) के अवसर पर जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशभर में सेवा पखवाड़ा और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है, वहीं बिहार के राजनीतिक गलियारों से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने राज्य में जारी बाढ़ विभीषिका के बीच मनाए जा रहे जश्न पर सवाल उठाए हैं।
पीएम मोदी के जन्मदिन और बिहार बाढ़ पर 5 बड़ी बातें:
- पप्पू यादव का ‘मौन’ टूटा: सांसद पप्पू यादव ने अपने पिता की पुण्यतिथि के दिन आलोचना न करने का संकल्प लिया था, लेकिन बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हवाई व बॉट सर्वेक्षण का वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने बीजेपी नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया।
- ‘बेशर्मी का प्रहसन’ करार: पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि एक तरफ बिहार की जनता बाढ़ से त्रस्त है और दूसरी तरफ नेता वीडियो फिल्मांकन और जन्मदिन के जश्न में मस्त हैं।
- मुकेश सहनी ने उठाया दीप जलाने पर सवाल: वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने पीएम मोदी को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई तो दी, लेकिन जन्मदिन पर दीप जलाने की अपील को लेकर सरकार को घेरा।
- बेघर लोगों की पीड़ा जाहिर की: मुकेश सहनी ने कहा कि बिहार में बाढ़ के कारण लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और राहत शिविरों या खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। ऐसे में जिनके पास सिर छुपाने को छत नहीं है, वे दीप कहां जलाएंगे?
- बाढ़ की विभीषिका के बीच सियासत गर्म: बीते बुधवार (16 सितंबर, 2026) को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बोट व ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया था, जिसे विपक्ष महज “फोटोशूट और पब्लिसिटी” करार दे रहा है।
राहत कार्यों पर उठ रहे सवाल
बिहार के कई जिलों में नदियों के उफान पर होने से लाखों की आबादी प्रभावित हुई है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि संकट की इस घड़ी में सरकार का ध्यान उत्सव मनाने के बजाय बाढ़ पीड़ितों तक राशन, दवाइयां और सुरक्षित ठिकाना पहुंचाने पर केंद्रित होना चाहिए।