नई दिल्ली: बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। इसका असर पीरियड्स यानी मासिक धर्म पर भी पड़ सकता है। कुछ महिलाओं में डिलीवरी के कुछ महीनों बाद पीरियड्स दोबारा शुरू हो जाते हैं, जबकि कुछ को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अगर सिजेरियन डिलीवरी के 9 महीने बाद भी पीरियड्स नहीं आए हैं, तो क्या यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है?
मदरहुड हॉस्पिटल्स, खारघर की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुरभि सिद्धार्थ के मुताबिक, सी-सेक्शन के बाद पीरियड्स न आना हमेशा किसी परेशानी का संकेत नहीं होता। खासकर उन महिलाओं में ऐसा हो सकता है, जो बच्चे को स्तनपान करा रही हैं। हालांकि, पीरियड्स में देरी की वजह समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
डिलीवरी के बाद पीरियड्स आने में देरी क्यों होती है?
डिलीवरी के बाद मासिक धर्म दोबारा शुरू होने का समय हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। इसका संबंध केवल सिजेरियन डिलीवरी से नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों और स्तनपान से भी होता है।
डॉ. सुरभि सिद्धार्थ के अनुसार, बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पीरियड्स कई महीनों तक नहीं आ सकते। इसलिए केवल 9 महीने तक मासिक धर्म न आने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि महिला को कोई गंभीर समस्या है।
हालांकि, अगर पीरियड्स लंबे समय तक नहीं लौटते हैं, तो महिला की स्थिति, स्तनपान की आदतों और अन्य लक्षणों को ध्यान में रखकर इसकी वजह का पता लगाना जरूरी है।
स्तनपान कराने से कैसे रुक सकते हैं पीरियड्स?
डिलीवरी के बाद पीरियड्स देर से आने की एक प्रमुख वजह प्रोलैक्टिन हार्मोन है। यह हार्मोन स्तनों में दूध बनाने में मदद करता है। स्तनपान के दौरान इसका स्तर बढ़ा रह सकता है, जिससे ओव्यूलेशन यानी अंडाशय से अंडा निकलने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। नतीजतन, मासिक धर्म दोबारा शुरू होने में देरी हो सकती है।
जो महिलाएं दिन और रात दोनों समय नियमित रूप से बच्चे को स्तनपान कराती हैं, उनमें पीरियड्स 6 महीने से लेकर एक साल या उससे अधिक समय तक नहीं आ सकते। हालांकि, यह अवधि हर महिला में अलग हो सकती है।
जैसे-जैसे स्तनपान कम होता है, मासिक धर्म दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, कुछ महिलाओं में स्तनपान जारी रहने के बावजूद डिलीवरी के 3 से 4 महीने बाद ही पीरियड्स लौट आते हैं।
इसलिए दूसरी महिलाओं के अनुभव से अपनी स्थिति की तुलना करने के बजाय अपने शरीर में हो रहे बदलावों पर ध्यान देना बेहतर है।
पीरियड्स नहीं आए, फिर भी हो सकती है प्रेग्नेंसी
डिलीवरी के बाद मासिक धर्म न आने का मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भवती नहीं हो सकती। पीरियड्स दोबारा शुरू होने से पहले भी ओव्यूलेशन हो सकता है। ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर गर्भधारण की संभावना रहती है।
अगर आप फिलहाल दूसरी प्रेग्नेंसी नहीं चाहती हैं, तो उपयुक्त गर्भनिरोधक उपाय अपनाना जरूरी है। स्तनपान को गर्भनिरोध का भरोसेमंद विकल्प मानने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि इसकी प्रभावशीलता कुछ खास परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
यदि डिलीवरी के बाद असुरक्षित यौन संबंध बने हैं और पीरियड्स नहीं आए हैं, तो प्रेग्नेंसी टेस्ट करना भी जरूरी हो सकता है।
ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा रहीं, फिर भी 9 महीने से पीरियड्स बंद हैं?
अगर महिला बच्चे को स्तनपान नहीं करा रही है और डिलीवरी के 9 महीने बाद भी पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। ऐसी स्थिति में कई संभावित कारण हो सकते हैं।
- हार्मोनल असंतुलन: शरीर के हार्मोन में बदलाव मासिक धर्म के चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।
- वजन में बड़ा बदलाव: तेजी से वजन बढ़ने या घटने का असर पीरियड्स पर पड़ सकता है।
- नींद की कमी और तनाव: प्रसव के बाद नींद पूरी न होना और लगातार तनाव भी मासिक धर्म के चक्र को प्रभावित कर सकते हैं।
- गर्भनिरोधक उपाय: प्रोजेस्टिन वाली कुछ गोलियां, गर्भनिरोधक इंजेक्शन और हार्मोनल इंट्रायूटेराइन डिवाइस यानी IUD से पीरियड्स कम हो सकते हैं या कुछ समय के लिए बंद भी हो सकते हैं।
- प्रेग्नेंसी: यदि असुरक्षित यौन संबंध बने हैं, तो गर्भधारण की संभावना को जांच के जरिए खारिज करना जरूरी है।
इनमें से कौन-सी वजह जिम्मेदार है, यह महिला की मेडिकल हिस्ट्री और जरूरी जांच के आधार पर ही पता चल सकता है।
दुर्लभ मामलों में पिट्यूटरी ग्रंथि को नुकसान भी हो सकता है
कुछ दुर्लभ मामलों में डिलीवरी के दौरान बहुत अधिक खून बहने से पिट्यूटरी ग्रंथि को नुकसान पहुंच सकता है। यह ग्रंथि शरीर में कई हार्मोन को नियंत्रित करती है, जिनमें प्रजनन से जुड़े हार्मोन भी शामिल हैं। इसके प्रभावित होने से पीरियड्स दोबारा शुरू होने में परेशानी हो सकती है।
हालांकि, यह एक दुर्लभ स्थिति है और हर महिला में लंबे समय तक पीरियड्स न आने की वजह यही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जा सकती है।
डिलीवरी के 9 महीने बाद कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर सी-सेक्शन के 9 महीने बाद भी पीरियड्स नहीं आए हैं, तो घबराने के बजाय अपनी स्थिति का आकलन करना जरूरी है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं में ऐसा सामान्य हार्मोनल बदलावों के कारण हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक पीरियड्स न आने पर डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
विशेष रूप से इन स्थितियों में चिकित्सकीय जांच कराएं:
- आप स्तनपान नहीं करा रही हैं और पीरियड्स अब तक शुरू नहीं हुए हैं।
- असुरक्षित यौन संबंध बने हैं या प्रेग्नेंसी की आशंका है।
- वजन में अचानक बदलाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
- डिलीवरी के दौरान बहुत अधिक रक्तस्राव हुआ था और अब हार्मोन संबंधी परेशानी के लक्षण हैं।
डॉक्टर जरूरत के अनुसार प्रेग्नेंसी टेस्ट, हार्मोन संबंधी जांच या अन्य परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के पीरियड्स शुरू करने वाली दवाएं न लें।
कुल मिलाकर, सिजेरियन डिलीवरी के 9 महीने बाद भी पीरियड्स न आना हर बार गंभीर बीमारी का संकेत नहीं है। स्तनपान इसकी एक आम वजह हो सकती है, लेकिन गर्भधारण और अन्य हार्मोनल समस्याओं की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित कदम है।