नई दिल्ली: लोकसभा और राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम वीडियो संदेश जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर साझा किए गए इस संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद ने ऐसा कानून पारित किया है, जो देश की परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
‘राज्यों के सुझावों को भी शामिल किया गया’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत “साथियों” शब्द से करते हुए कहा कि विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स और फास्ट कोर्ट जैसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं तथा राज्यों से मिले सुझावों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
‘शिक्षा व्यवस्था में सुधार अब अनिवार्य’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दशकों से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकारों को पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना अब अनिवार्य हो गया है।
‘तकनीक का होगा व्यापक इस्तेमाल’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाले गिरोह और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
‘दोनों सदनों ने व्यापक चर्चा के बाद दी मंजूरी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने वादे के अनुसार संसद में यह विधेयक पेश किया था। पिछले दो दिनों तक दोनों सदनों में इस पर विस्तार से चर्चा हुई और इसके बाद लोकसभा तथा राज्यसभा ने कठोर कानूनी प्रावधानों वाले इस विधेयक को मंजूरी दे दी।
‘विकसित भारत के लक्ष्य के लिए मिलकर आगे बढ़ें’
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में आगे भी लगातार काम करती रहेगी और ऐसी परिस्थितियों को लंबे समय तक जारी नहीं रहने देगी। उन्होंने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
पेपर लीक पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान
संसद से पारित ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ में प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। यह संशोधन नीट प्रश्नपत्र लीक की पृष्ठभूमि में लाया गया है। लोकसभा से पारित होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके साथ ही इसे संसद की स्वीकृति मिल गई।