श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को पड़ रही है। सावन के दूसरे दिन धनिष्ठा नक्षत्र और सौभाग्य योग का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे, जिसके स्वामी न्याय के देवता शनिदेव हैं। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की योजना बनाने से पहले अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के शुभ-अशुभ समय की जानकारी लेना लाभकारी माना जाता है।
31 जुलाई 2026 का पंचांग
| विवरण | समय / जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वितीया (रात्रि 10:29 बजे तक) |
| नक्षत्र | धनिष्ठा (शाम 7:14 बजे तक) |
| योग | सौभाग्य (रात्रि 11:50 बजे तक) |
| प्रथम करण | तैतिल (सुबह 10:02 बजे तक) |
| द्वितीय करण | गारा (रात्रि 10:29 बजे तक) |
| वार | शुक्रवार |
| मास | श्रावण |
| पक्ष | कृष्ण |
| चंद्रमा | मकर राशि में |
| विक्रमी संवत | 2083 |
| शक संवत | 1948 (पराभव) |
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
- सूर्योदय – सुबह 5:45 बजे
- सूर्यास्त – शाम 7:08 बजे
- चंद्रोदय – रात 8:21 बजे
- चंद्रास्त – सुबह 7:02 बजे
31 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक
आज का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:25 बजे से 9:06 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:47 बजे से शाम 5:27 बजे तक
31 जुलाई 2026 का दिन का चौघड़िया
- चर – 5:44 से 7:25 बजे
- लाभ – 7:25 से 9:05 बजे
- अमृत – 9:05 से 10:45 बजे
- काल – 10:45 से 12:26 बजे
- शुभ – 12:26 से 2:06 बजे
- रोग – 2:06 से 3:46 बजे
- उद्वेग – 3:46 से 5:27 बजे
- चर – 5:27 से 7:07 बजे
31 जुलाई 2026 का रात्रि चौघड़िया
- रोग – 7:07 से 8:27 बजे
- काल – 8:27 से 9:46 बजे
- लाभ – 9:46 से 11:06 बजे
- उद्वेग – 11:06 से 12:26 बजे
- शुभ – 12:26 से 1:46 बजे
- अमृत – 1:46 से 3:05 बजे
- चर – 3:05 से 4:25 बजे
- रोग – 4:25 से 5:45 बजे